Google Gemini: AI कंटेंट से हटेंगे वॉटरमार्क, पर ट्रैक रहेगी पूरी कहानी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Google Gemini: AI कंटेंट से हटेंगे वॉटरमार्क, पर ट्रैक रहेगी पूरी कहानी!

Google (Alphabet) अब अपने Gemini AI से बनाए गए कंटेंट, जैसे फोटो और वीडियो, से दिखने वाले वॉटरमार्क हटाने की सुविधा दे रहा है। यह क्रिएटर्स के लिए बड़ी राहत है, लेकिन कंपनी सुरक्षा के लिए अदृश्य वॉटरमार्किंग जारी रखेगी। यह कदम भारत जैसे देशों में AI रेगुलेशन पर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।

Alphabet की कंपनी Google ने अपने Gemini AI मॉडल से बनाए गए कंटेंट, जैसे कि तस्वीरें, वीडियो और म्यूजिक, से दिखने वाले वॉटरमार्क हटाने का एक नया फीचर पेश किया है। यह अपडेट खास तौर पर उन प्रोफेशनल क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर लाया गया है, जिन्हें लगता है कि दिखने वाले ब्रांडिंग से उनके AI टूल्स का कमर्शियल और क्रिएटिव कामों में इस्तेमाल सीमित हो जाता है।

यह फीचर कैसे काम करेगा?

यह सुविधा Nano Banana, Omni और Lyria मॉडल्स पर लागू होगी और यूजर सेटिंग्स में 'मीडिया वॉटरमार्क टॉगल' के जरिए एक्सेस की जा सकेगी। गूगल ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और जवाबदेही बनाए रखने के लिए, अदृश्य वॉटरमार्क (जिन्हें SynthID कहा जाता है) और इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड मेटाडेटा (जैसे C2PA) सभी AI-जनरेटेड फाइलों में एम्बेड किए जाएंगे। इस तरीके से, कंपनी क्लीन और प्रोफेशनल-ग्रेड कंटेंट की मांग को पूरा करने के साथ-साथ AI ओरिजिन्स को पहचानने की तकनीकी क्षमता भी बनाए रखेगी।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

यह बदलाव निवेशकों के लिए एक अहम ऑपरेशनल चुनौती को उजागर करता है – प्रोडक्ट की उपयोगिता और रेगुलेटरी पारदर्शिता के बीच संतुलन बनाना। जैसे-जैसे AI टेक्नोलॉजी एंटरप्राइज और क्रिएटिव वर्कफ़्लो में गहराई से एकीकृत हो रही है, भारत, यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे बाजारों में रेग्युलेटर्स कंपनियों पर AI-जनरेटेड कंटेंट के स्पष्ट डिस्क्लोजर को सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ा रहे हैं। AI-जनरेटेड मीडिया का गलत सूचना के लिए इस्तेमाल होने की संभावना एक बड़ा जोखिम बनी हुई है, और दिखने वाली ब्रांडिंग को हटाने से अधिकारियों की तरफ से कड़ी जांच हो सकती है, यदि इस तकनीक का इस्तेमाल भ्रामक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

नई पहल और कमाई की रणनीति

Google ने Credentio नाम की एक ओपन-सोर्स लाइब्रेरी भी जारी की है, जो डेवलपर्स को उनके अपने एप्लीकेशन में कंटेंट की प्रामाणिकता को स्थानीय स्तर पर वेरिफाई करने में मदद करेगी। कुछ खास बाजारों, जैसे भारत, दक्षिण कोरिया और वियतनाम में, इन एडवांस्ड फीचर्स तक पहुंच AI Ultra जैसे पेड सब्सक्रिप्शन टियर से जुड़ी हो सकती है। यह एक मोनेटाइजेशन रणनीति का संकेत देता है, जहाँ प्रीमियम यूजर्स को अपने आउटपुट पर अधिक नियंत्रण मिलता है।

आगे चलकर, इन सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता एक प्रमुख फोकस एरिया रहेगी। निवेशक इस बात पर नजर रख सकते हैं कि ये AI-संचालित उत्पाद एंटरप्राइज एडॉप्शन रेट को कैसे प्रभावित करते हैं और क्या कंपनी के सुरक्षा मानकों का तरीका प्रमुख वैश्विक बाजारों में विकसित हो रही सरकारी डिस्क्लोजर आवश्यकताओं को पूरा करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.