Andhra Pradesh High Court ने विशाखापत्तनम में बन रहे Google-Adani AI डेटा सेंटर के निर्माण पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। **$15 बिलियन** की इस पार्टनरशिप के पहले चरण में लगभग **₹30,000 करोड़** का निवेश किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट की स्थिति और कानूनी पेच
Andhra Pradesh High Court ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल निर्माण कार्य जारी रहेगा। यह डेटा सेंटर Google और AdaniConneX (जो Adani Enterprises और EdgeConneX का जॉइंट वेंचर है) के बीच $15 बिलियन की एक बड़ी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनरशिप का हिस्सा है। हालांकि कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिया है कि वे पर्यावरण और कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, क्योंकि मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।
भारी-भरकम निवेश और भविष्य की योजनाएं
इस कैंपस के पहले 400-मेगावाट के फेज के लिए करीब ₹30,000 करोड़ का बजट रखा गया है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्देश्य भारत की AI क्षमताओं को बड़े स्तर पर स्केल करना है। इसके लिए करीब 512 मेगावाट बिजली और कूलिंग के लिए बड़े पैमाने पर पानी की जरूरत होगी, जो इसे एक कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट बनाता है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Key Risks)
कानूनी चुनौती मुख्य रूप से Kambalakonda Wildlife Sanctuary, Mudasarlova Reservoir के पास निर्माण और Simhachalam Devasthanam की जमीन के इस्तेमाल से जुड़ी है। अधिकारियों का तर्क है कि इसे 'इंडस्ट्रियल एक्टिविटी' के बजाय 'बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन' कैटेगरी में रखा गया है, जिसके नियम अलग होते हैं।
चूंकि यह प्रोजेक्ट हाई-डेब्ट (High-Debt) फाइनेंसिंग मॉडल पर आधारित है, इसलिए काम में देरी होने पर बिजनेस केस प्रभावित हो सकता है। निवेशकों को आने वाली अदालती सुनवाई और जमीन विवादों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कोई भी नई कानूनी बाध्यता प्रोजेक्ट की टाइमलाइन को बिगाड़ सकती है।
