Google ने अपने AI Mode को और भी ज़्यादा उपयोगी बना दिया है। अब आप सीधे AI इंटरफ़ेस से ही Instacart, Canva और YouTube जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल कर पाएंगे। यह फीचर यूजर्स को ग्रोसरी खरीदने या कंटेंट डिज़ाइन जैसे काम AI में ही निपटाने की सुविधा देगा, और टेक जायंट को OpenAI के ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म्स से कड़ी टक्कर लेने में मदद करेगा।
Google AI Mode: अब बिना ऐप खोले करें काम!
Google अपने AI Mode के ज़रिए बातचीत वाले सर्च एक्सपीरियंस (Conversational Search Experience) को एक नए लेवल पर ले जा रहा है। कंपनी ने गुरुवार को घोषणा की कि अब AI Mode सीधे बाहरी एप्लीकेशन्स के साथ जुड़ सकता है। इसका मतलब है कि अब आप सिर्फ जानकारी मांगने के बजाय सीधे AI से ही कई ज़रूरी काम करवा पाएंगे।
Instacart, Canva और YouTube जैसे अकाउंट्स को कनेक्ट करके, AI अब ऐसे एक्शन ले सकता है जिनके लिए पहले अलग-अलग वेबसाइट या ऐप पर जाना पड़ता था।
आम यूजर्स के लिए फायदे
यह इंटीग्रेशन मुश्किल प्लानिंग को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उदाहरण के लिए, अगर आप कोई इवेंट प्लान कर रहे हैं, तो आप AI से अपनी ग्रोसरी लिस्ट बनवा सकते हैं और फिर Instacart लिंक का इस्तेमाल करके सीधे उन आइटम्स को अपने कार्ट में ऐड कर सकते हैं। इसी तरह, आप AI को Canva से डिज़ाइन टेम्पलेट्स लाने या YouTube Music में सेव होने वाली म्यूजिक प्लेलिस्ट बनाने का निर्देश दे सकते हैं। इन फंक्शन्स का मकसद यूजर को ज़्यादातर एक्टिविटीज के लिए Google इकोसिस्टम के अंदर ही रखना है।
AI की दुनिया में कॉम्पिटिशन
यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में चल रही ज़ोरदार कॉम्पिटिशन को दिखाता है। थर्ड-पार्टी ऐप फंक्शनैलिटी को शामिल करके, Google, OpenAI के ChatGPT और Anthropic के Claude जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा लोकप्रिय की गई सुविधाओं से मुकाबला करने की कोशिश कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य AI टूल को सिर्फ एक सर्च इंजन से आगे बढ़ाकर एक फंक्शनल असिस्टेंट बनाना है। अगर यह सफल होता है, तो यूजर्स अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए Google प्लेटफॉर्म पर ज़्यादा निर्भर हो सकते हैं, जिससे एंगेजमेंट और डेटा कलेक्शन बढ़ सकता है।
कब और कहाँ मिलेगा?
यह फीचर फिलहाल अमेरिका में यूजर्स के लिए उपलब्ध है, और कंपनी भविष्य में पार्टनर एप्लीकेशन्स की लिस्ट को और बढ़ाने की योजना बना रही है। यह अपडेट पहले के डेवलपमेंट पर आधारित है, जैसे कि पर्सनलाइज्ड रिजल्ट्स के लिए Gmail और Google Photos से डेटा निकालने की क्षमता, और Google I/O में घोषित Gemini असिस्टेंट के साथ थर्ड-पार्टी ऐप्स के इंटीग्रेशन।
निवेशकों के लिए, यह देखना अहम होगा कि ये इंटीग्रेशन यूजर रिटेंशन को कितनी अच्छी तरह बढ़ाते हैं और क्या वे नए कमाई के रास्ते खोलते हैं। हालांकि फिलहाल यूजर यूटिलिटी पर ध्यान केंद्रित है, इस रणनीति की दीर्घकालिक सफलता नए पार्टनर्स को जोड़ने की रफ़्तार और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर इन जटिल कार्यों को AI की सटीकता पर निर्भर करेगी। कंपनी लगातार अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बना रही है ताकि तेज़ी से बदलते तकनीकी माहौल में अपनी सर्च और डिजिटल सेवाओं की मार्केट हिस्सेदारी बनाए रख सके।
