अमेरिका में छोटे बिजनेस के बीच AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। Goldman Sachs की रिपोर्ट के मुताबिक, साल **2026** तक यह आंकड़ा **80%** पहुंच गया है, जो **2024** में महज **47%** था। हालांकि, जटिल तकनीक के मामले में अभी भी स्किल्स की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बेसिक टूल्स पर ज्यादा भरोसा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब अमेरिकी छोटे बिजनेस के लिए एक सामान्य टूल बन चुका है। Goldman Sachs की हालिया रिपोर्ट बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बिजनेस मालिकों में भी इसका चलन काफी बढ़ा है। हालांकि, यह बदलाव अभी केवल बेसिक और आसानी से इस्तेमाल होने वाले ऐप्स तक ही सीमित है। डेटा के अनुसार, 86% बिजनेस मालिक ChatGPT, Claude और Gemini जैसे चैटबॉट्स का इस्तेमाल रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए कर रहे हैं। वहीं, 54% ने Microsoft 365 Copilot और QuickBooks AI एजेंट्स जैसे इंटीग्रेटेड फीचर्स को अपनाया है।
तकनीक में कहां है अड़चन?
जटिल सिस्टम की ओर बढ़ना अभी भी सुस्त है। केवल 18% बिजनेस ने ही 'एजेंटिक AI' को लागू किया है और महज 12% ही कस्टमाइज्ड सॉल्यूशंस का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अंतर साफ करता है कि बेसिक ऑटोमेशन में तो बिजनेस सहज हैं, लेकिन अधिक सोफिस्टिकेटेड सिस्टम के लिए उनके पास जरूरी टेक्निकल एक्सपर्टीज की भारी कमी है।
कम बजट और बड़ा अवसर
बिजनेस मालिकों की 'कॉस्ट सेंसिटिविटी' को देखते हुए, 73% यूजर्स या तो बिल्कुल फ्री वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर AI टूल्स पर महीने का $100 से भी कम खर्च कर रहे हैं। सर्विस सेक्टर की कंपनियां प्रोडक्ट-आधारित कंपनियों के मुकाबले इस तकनीक को अपनाने में ज्यादा आगे हैं।
निवेशकों और टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के लिए यह एक बड़ा मौका है। बाजार में उन 'प्लग-एंड-प्ले' AI समाधानों की भारी डिमांड है, जिन्हें इस्तेमाल करने के लिए किसी खास टेक्निकल ट्रेनिंग की जरूरत न हो। भविष्य का विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां बिना किसी महंगे खर्च के इन टूल्स को कैसे अपने कोर वर्कफ्लो का हिस्सा बनाती हैं।
