Eternal Ltd. (Zomato) पर Goldman Sachs का भरोसा, ₹350 का टारगेट सेट!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Eternal Ltd. (Zomato) पर Goldman Sachs का भरोसा, ₹350 का टारगेट सेट!

Goldman Sachs ने Eternal Ltd., जो Zomato और Blinkit की पेरेंट कंपनी है, पर 'Buy' रेटिंग जारी की है और स्टॉक के लिए ₹350 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि इन यूनिट्स में इंटेंस कम्पटीशन के बावजूद मार्जिन कैसे बनाए रखा जाता है।

क्या हुआ?

Goldman Sachs ने Eternal Ltd. पर कवरेज शुरू करते हुए 'Buy' रेटिंग दी है। यह कंपनी Zomato और Blinkit जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स को ऑपरेट करती है। इन्वेस्टमेंट बैंक ने स्टॉक के लिए ₹350 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा लेवल से लगभग 37% के संभावित अपसाइड का इशारा देता है। ब्रोकरेज का यह पॉजिटिव नजरिया मुख्य रूप से फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए कंपनी के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स डिवीज़न में उम्मीद से ज़्यादा ग्रोथ की वजह से है।

एनालिस्ट्स क्यों हैं उत्साहित?

Goldman Sachs का यह पॉजिटिव आउटलुक क्विक कॉमर्स बिज़नेस, Blinkit, की तेज़ ग्रोथ पर आधारित है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि Blinkit का नेट ऑर्डर वैल्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 85% बढ़ सकता है। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी उम्मीद जताई गई है कि Blinkit अपने ऑपरेटिंग मार्जिन में 30 बेसिस पॉइंट्स का तिमाही-दर-तिमाही सुधार करेगा। फूड डिलीवरी सेगमेंट से भी अच्छी परफॉर्मेंस की उम्मीद है, जिसमें ऑर्डर वैल्यू में 20% की सालाना ग्रोथ का अनुमान है।

ब्रोकरेज ने यह भी नोट किया कि Eternal Ltd. का Blinkit के लिए तीन साल का 60% से ज़्यादा का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का इंटरनल गाइडेंस, उनके अपने 45% के अनुमान से ज़्यादा आक्रामक है। इसका मतलब है कि अगर कंपनी अपने लक्ष्यों को हासिल करती है, तो स्टॉक में और भी ज़्यादा तेजी देखने को मिल सकती है।

फाइनेंशियल तस्वीर

फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई) में Eternal Ltd. ने अपने फाइनेंशियल्स में काफी सुधार दिखाया है। कंपनी ने ₹174 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹39 करोड़ की तुलना में 346% की बढ़ोतरी है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में भी तेज़ी देखी गई, जो सालाना 196% बढ़कर ₹17,292 करोड़ हो गया। इसी तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ, जो Q3FY26 के 2.3% से बढ़कर 2.8% हो गया।

कॉम्पिटिशन की हकीकत

हालांकि ग्रोथ की उम्मीदें मज़बूत हैं, लेकिन क्विक कॉमर्स सेक्टर में मुकाबला काफी कड़ा है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ Swiggy Instamart और Zepto जैसे कंपटीटर्स भी तेज़ी से अपने विस्तार और मार्केट शेयर बढ़ाने में लगे हैं। इस कड़े मुकाबले की वजह से अक्सर प्राइसिंग और डिलीवरी फीस पर भारी दबाव बनता है। Goldman Sachs ने यह भी कहा कि फिलहाल ऐसे सीमित संकेत हैं कि Blinkit अपने मार्जिन को नुकसान पहुँचाने वाले कदम उठा रहा है, लेकिन इस सेक्टर की किसी भी कंपनी के लिए कॉम्पिटिटिव डिस्काउंटिंग या भारी मार्केटिंग खर्च का जोखिम हमेशा बना रहता है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस बिज़नेस मॉडल में तेज़ विस्तार के साथ अक्सर ज़्यादा खर्च का जोखिम जुड़ा होता है, जो ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी तेज़ ग्रोथ के साथ-साथ मार्जिन में सुधार करने में कितनी कामयाब रहती है। जैसे-जैसे कंपनी नए शहरों और कैटेगरीज़ में विस्तार करेगी, कस्टमर एक्वीजीशन और डिलीवरी लॉजिस्टिक्स की लागत अहम कारक होंगे। नेट ऑर्डर वैल्यू ग्रोथ, कम्पीटीशन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री और फूड डिलीवरी व क्विक कॉमर्स दोनों डिवीज़न में प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता से जुड़े भविष्य के अपडेट्स, कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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