ह्यूमनॉइड रोबोट्स के बाजार में हलचल तेज है। साल 2025 में दुनिया भर में इनकी **7,000** यूनिट्स बिकीं, हालांकि इनका इस्तेमाल अभी मुख्य रूप से रिसर्च तक ही सीमित है।
बाजार की मौजूदा स्थिति
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स के आंकड़ों के अनुसार, ह्यूमनॉइड रोबोट्स का बाजार अभी एक शुरुआती दौर (Validation phase) से गुजर रहा है। साल 2024 में पारंपरिक इंडस्ट्रियल रोबोट्स की 5,42,000 और सर्विस रोबोट्स की 1,99,000 यूनिट्स बिकी थीं, जिसके मुकाबले ह्यूमनॉइड रोबोट्स की 7,000 यूनिट्स का आंकड़ा काफी छोटा है।
रिसर्च बनाम कमर्शियल इस्तेमाल
फिलहाल, ज्यादातर रोबोट्स का इस्तेमाल कमर्शियल काम के बजाय रिसर्च, डेटा जुटाने और AI मॉडल्स को रिफाइन करने के लिए किया जा रहा है। ऑटोमोटिव सेक्टर की कंपनियां अभी छोटे स्तर पर इसके पायलट प्रोजेक्ट चला रही हैं। इसका मतलब है कि तकनीक अभी अपनी विश्वसनीयता साबित करने के चरण में है।
भविष्य का अनुमान और चुनौतियां
Bank of America Global Research ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक यह आंकड़ा 90,000 और 2030 तक 1.2 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच सकता है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि:
- हार्डवेयर कॉस्ट: रोबोट्स बनाने की लागत फिलहाल बहुत ज्यादा है।
- तकनीकी बाधाएं: AI के जरिए जटिल काम करने की क्षमता और रोबोट्स की गतिशीलता (Dexterity) अभी भी एक चुनौती है।
- सुरक्षा और जवाबदेही: फैक्ट्री फ्लोर पर इंसानों के साथ काम करने में सुरक्षा के कई जोखिम शामिल हैं।
चीन इस सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभर रहा है। निवेशकों के लिए फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट्स की सफलता और हार्डवेयर की घटती कीमतों पर नजर रखना सबसे जरूरी है।
