ग्लोबल क्लाउड कंपनी Genesys, जिसके CEO टोनी बेट्स हैं, भारत में अपने R&D ऑपरेशंस को बढ़ा रही है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे इस ग्लोबल कंपनी को भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी Genesys International Corporation Ltd से अलग समझें, क्योंकि दोनों का आपस में कोई लेना-देना नहीं है।
ग्लोबल कस्टमर एक्सपीरियंस सॉफ्टवेयर फर्म Genesys के चेयरमैन और CEO टोनी बेट्स ने भारत में अपने ऑपरेशंस को तेजी से बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी, जो क्लाउड-आधारित कस्टमर कॉन्टैक्ट सॉल्यूशंस में माहिर है, पहले से ही चेन्नई, हैदराबाद और बैंगलोर में अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट हब चला रही है। कंपनी के मुताबिक, ये सेंटर उसके ग्लोबल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के लिए जरूरी AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
निवेशकों के लिए स्पष्टता
भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों को यह समझना बहुत जरूरी है कि यह ग्लोबल कंपनी और शेयर बाजार में लिस्टेड Genesys International Corporation Ltd (NSE: GENESYS; BSE: 506109) दो बिल्कुल अलग इकाइयां हैं। जहां ग्लोबल Genesys कस्टमर एक्सपीरियंस और कॉन्टैक्ट सेंटर सॉफ्टवेयर पर ध्यान केंद्रित करती है, वहीं Genesys International एक जियोस्पेशियल और 3D मैपिंग कंपनी है। दोनों कंपनियों के बीच कोई कारोबारी या वित्तीय संबंध नहीं है।
लिस्टेड कंपनी की स्थिति
जो निवेशक लिस्टेड कंपनी Genesys International पर नजर रखते हैं, उनके लिए हालिया रिपोर्ट में कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ₹81.36 करोड़ का रेवेन्यू और ₹5.33 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी मुख्य रूप से सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और जियोस्पेशियल डेटा पर निर्भर है। पिछले एक साल में इस स्टॉक ने ₹135 से लेकर ₹441 तक का दायरा देखा है। सरकारी प्रोजेक्ट्स में देरी और पेमेंट साइकल जैसे जोखिमों के चलते इस शेयर में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
