FutureSkills PRIME: 34 लाख रजिस्ट्रेशन पार! 86% युवा छोटे शहरों से, IT सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
FutureSkills PRIME: 34 लाख रजिस्ट्रेशन पार! 86% युवा छोटे शहरों से, IT सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

भारत की डिजिटल स्किलिंग पहल FutureSkills PRIME ने 34 लाख रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि इसमें से 86% युवा टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं। यह IT सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे टैलेंट पाइपलाइन मजबूत होगी और छोटे शहरों में भी कुशल पेशेवर तैयार होंगे।

FutureSkills PRIME का कमाल

इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) और NASSCOM के संयुक्त डिजिटल ट्रेनिंग प्रोग्राम, FutureSkills PRIME ने 34 लाख रजिस्ट्रेशन का माइलस्टोन पार कर लिया है। सबसे खास बात यह है कि इन प्रतिभागियों में से 86% टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं। यह दिखाता है कि प्रोफेशनल-ग्रेड की डिजिटल ट्रेनिंग अब भारत के बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों तक भी पहुंच रही है।

IT टैलेंट पाइपलाइन पर असर

भारतीय IT सेक्टर के लिए यह एक अहम मोड़ है। पहले IT कंपनियां बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में टैलेंट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करती थीं, जिससे सैलरी और कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर (attrition) बढ़ जाती थी। अब छोटे शहरों में कुशल वर्कफोर्स तैयार होने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसी उभरती टेक्नोलॉजीज के लिए कर्मचारियों की सप्लाई बढ़ेगी।

इस प्रोग्राम के तहत अब तक 13 लाख सर्टिफिकेशन दिए जा चुके हैं। खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी भी 41% है। जैसे-जैसे IT कंपनियां लागत कम करने और अपने डिलीवरी सेंटर्स को फैलाने की कोशिश कर रही हैं, छोटे शहरों से मिला यह स्किल्ड वर्कफोर्स उनके लिए एक बड़ा सहारा साबित होगा।

शिक्षा के साथ स्किलिंग का इंटीग्रेशन

इस ट्रेनिंग को लंबे समय तक फायदेमंद बनाने के लिए, प्रोग्राम ने 17 राज्य सरकारों और 2,000 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप की है। इस ट्रेनिंग को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) में शामिल करने का लक्ष्य है, ताकि ये स्किल्स फॉर्मल एजुकेशन का हिस्सा बन सकें। इससे ऐसे ग्रेजुएट्स तैयार होंगे जो सीधे नौकरी के लिए तैयार होंगे, और कंपनियों पर नए टैलेंट को ट्रेन करने का बोझ कम होगा।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि FutureSkills PRIME एक सरकारी समर्थित स्किलिंग पहल है, कोई कॉमर्शियल कंपनी या पब्लिकली ट्रेडेड फर्म नहीं। इसलिए, इसके कोई फाइनेंशियल मेट्रिक्स जैसे डेट, मार्जिन या शेयर प्राइस नहीं हैं।

आगे क्या देखना होगा

इस पहल के लिए मुख्य चुनौतियां इसके एग्जीक्यूशन (execution) और करिकुलम (curriculum) की प्रासंगिकता पर निर्भर करेंगी। प्रोग्राम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कितनी जल्दी ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के हिसाब से अपने कोर्सेज को अपडेट कर पाता है। IT सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए, यह देखना अहम होगा कि क्या छोटे शहरों के ये स्किल्ड कैंडिडेट इंडस्ट्री में ठीक से खप पाते हैं, जो यह साबित करेगा कि प्रोग्राम ट्रेनिंग और मार्केट की मांग के बीच की खाई को सफलतापूर्वक पाट रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.