Smart Glasses पर बढ़ा कानूनी शिकंजा! फ्रांस में क्रिमिनल प्रोब शुरू, Meta और EssilorLuxottica पर पड़ेगा असर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Smart Glasses पर बढ़ा कानूनी शिकंजा! फ्रांस में क्रिमिनल प्रोब शुरू, Meta और EssilorLuxottica पर पड़ेगा असर

फ्रांस के अभियोजकों (prosecutors) ने स्मार्ट ग्लास के जरिए अवैध वीडियो बनाने और उत्पीड़न के मामलों की जांच शुरू कर दी है। यह खबर वियरेबल टेक कंपनियों के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर रही है।

फ्रांस की साइबर क्राइम यूनिट अब यह जांच रही है कि क्या स्मार्ट ग्लास जैसे आधुनिक गैजेट्स का इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों पर बिना इजाजत वीडियो बनाने के लिए किया जा रहा है। इस कदम से टेक इंडस्ट्री में खलबली मच गई है क्योंकि यह वियरेबल टेक्नोलॉजी के भविष्य पर सीधे सवाल खड़े करता है।

कंपनियों पर कितना दबाव?

ग्लोबल स्मार्ट ग्लास मार्केट में Meta और EssilorLuxottica का दबदबा है, जिनकी मार्केट हिस्सेदारी करीब 76% है। पिछले साल दुनियाभर में 70 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई थी, लेकिन अब ये कंपनियां रेगुलेटरी रडार पर हैं। फ्रांस के अलावा, जर्मनी के कंज्यूमर ग्रुप्स ने प्राइवेसी के उल्लंघन का आरोप लगाया है, वहीं ऑस्ट्रेलिया भी सरकारी इमारतों में इन कैमरों पर बैन लगाने पर विचार कर रहा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

कंपनियां भले ही दावा करें कि उनके डिवाइस में रिकॉर्डिंग के दौरान जलने वाली 'इंडिकेटर लाइट' जैसे प्राइवेसी फीचर्स हैं, लेकिन रेगुलेटर्स का कहना है कि यह 'सहमति' (consent) के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि यूरोपीय संघ के AI Act या GDPR के तहत नए कड़े नियम आते हैं, तो कंपनियों को अपने प्रोडक्ट डिजाइन में बदलाव करना पड़ सकता है, जिससे लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। भारतीय बाजार में भी बढ़ते वियरेबल टेक एडॉप्शन को देखते हुए निवेशकों को अब वैश्विक स्तर पर होने वाले इन कानूनी बदलावों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.