Fractal Analytics के CEO श्रीकांत वेलांमक्किनी ने भारतीय IT कंपनियों से AI युग में आगे रहने के लिए R&D खर्च को रेवेन्यू का **1-2%** तक बढ़ाने का आग्रह किया है। वहीं, कंपनी ने एक अमेरिकी हेल्थकेयर फर्म के साथ **$17 मिलियन** का नया मल्टी-ईयर AI कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया है।
AI में लीड करने के लिए R&D पर फोकस
NASSCOM की चेयरपर्सन और Fractal की को-फाउंडर और ग्रुप CEO, श्रीकांत वेलांमक्किनी ने भारतीय IT इंडस्ट्री के लिए एक नई राह दिखाई है। उनका मानना है कि सिर्फ अधिग्रहण (Acquisitions) से काम नहीं चलेगा। इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में प्रासंगिक बने रहने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में अपने रेवेन्यू का 1-2% खर्च करना होगा। वेलांमक्किनी का कहना है कि बड़ी कंपनियां स्टार्टअप्स के साथ मिलकर नई टेक्नोलॉजीज डेवलप करें, ठीक वैसे ही जैसे फार्मा इंडस्ट्री में होता है।
फिलहाल, भारत का टेक सेक्टर R&D पर अपने रेवेन्यू का सिर्फ 0.5% खर्च करता है, जिसे वेलांमक्किनी को बढ़ाकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (Intellectual Property) बनाने की जरूरत बताते हैं।
Fractal को मिला $17 मिलियन का बड़ा AI सौदा
Fractal, जो BSE और NSE पर लिस्टेड है, अपनी AI-फर्स्ट (AI-first) रणनीति पर फोकस करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने एक प्रमुख अमेरिकी हेल्थकेयर कंपनी के साथ $17 मिलियन (लगभग ₹142 करोड़) का मल्टी-ईयर एग्रीमेंट साइन किया है। इस डील का मकसद क्लाइंट के डेटा और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्नाइज करना है। यह डील Fractal के ऑर्डर बुक को मजबूत करती है और उसके 'AI-फर्स्ट' बिजनेस मॉडल को साबित करती है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
AI की तरफ यह कदम ग्रोथ के बड़े मौके तो लाता है, लेकिन कुछ जोखिम भी पेश करता है। Fractal की रणनीति इनोवेशन पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है, जिसके लिए R&D और टैलेंट पर लगातार खर्च करना होगा। इससे शॉर्ट से मीडियम टर्म में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है, खासकर उन कंपनियों की तुलना में जो पुराने टेक्नोलॉजी सपोर्ट से कमाई करती हैं।
इसके अलावा, बड़े AI प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। AI कंसल्टिंग और इंटीग्रेशन स्पेस में ग्लोबल कंपटीशन बढ़ रहा है। Fractal को लगातार अपने क्लाइंट्स के लिए ठोस बिजनेस रिजल्ट्स डिलीवर करने होंगे। अगर क्लाइंट्स टेक्नोलॉजी अपनाने में देरी करते हैं या कॉर्पोरेट AI खर्च में कमी आती है, तो कंपनी के फ्यूचर रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
बाजार की नजरें Fractal के R&D खर्च, बड़े AI एंगेजमेंट्स को रेवेन्यू में बदलने की स्पीड और मैनेजमेंट द्वारा इनोवेशन की लागत को प्रॉफिट मार्जिन के साथ बैलेंस करने पर रहेंगी।
