भारत अब ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बन रहा है। Foxconn और Tata Electronics ने iPhone 18 Pro और Pro Max का उत्पादन भारत में शुरू कर दिया है, जिसमें से **80-90%** यूनिट्स विदेशों में एक्सपोर्ट की जाएंगी।
ग्लोबल मार्केट के लिए भारत तैयार
भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अब नई ऊंचाइयों पर है। पहली बार, iPhone 18 Pro और Pro Max जैसे प्रीमियम मॉडल्स को भारत में ही बनाया जा रहा है ताकि 18 सितंबर, 2026 को होने वाले ग्लोबल लॉन्च में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। चेन्नई की सुविधाओं से चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए ये फोन सीधे अमेरिका जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स में भेजे जा रहे हैं।
प्रोडक्शन का डेटा और आंकड़े
सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के चलते इस सेक्टर में जबरदस्त उछाल आया है। FY22 से FY26 के बीच कुल iPhone प्रोडक्शन $71 अरब के पार पहुंच गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने $26.3 अरब का एक्सपोर्ट किया है, जबकि फॉक्सकॉन का एक्सपोर्ट $25.6 अरब रहा। हालांकि, कुल वॉल्यूम के मामले में फॉक्सकॉन का दबदबा बरकरार है, जिनका उत्पादन मूल्य $38 अरब है, वहीं टाटा का आंकड़ा $35.5 अरब पर है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और रिस्क
बढ़ते उत्पादन के साथ ही निवेशकों की नजर सुरक्षा संबंधी जोखिमों पर भी है। जून 2026 में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ हुए डेटा ब्रीच ने आईपी (IP) सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, जहां iPhone 18 Pro के गोपनीय डिजाइन दस्तावेज डार्क वेब पर लीक हो गए थे। भविष्य में कंपनियों के लिए ऐपल के कड़े क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखना और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती होगी।
