फ्लोरिडा और टेक्सास ने सर्विलांस फर्म Flock Safety के साथ अपने सभी सरकारी अनुबंध खत्म कर दिए हैं। डेटा मिसयूज़ और प्राइवेसी चिंताओं के कारण उठाए गए इस कदम ने कंपनी के बिज़नेस मॉडल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी डेटा के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बीच फ्लोरिडा और टेक्सास ने कड़ा रुख अपनाते हुए सर्विलांस टेक्नोलॉजी कंपनी Flock Safety के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। फ्लोरिडा डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन ने तो राज्य के हाईवे से कंपनी के लाइसेंस प्लेट रीडर्स को 30 दिनों के भीतर हटाने का फरमान सुना दिया है। वहीं, टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने सरकारी एजेंसियों को इस तकनीक के लिए फंडिंग बंद करने के निर्देश दिए हैं।
क्यों मचा है विवाद?
यह सारा मामला प्राइवेसी स्टैंडर्ड्स और कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा डेटा के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। टेक्सास में एक पुलिस अधिकारी पर बिना कानूनी अधिकार के लोगों को ट्रैक करने के लिए कंपनी के डेटाबेस का उपयोग करने का आरोप लगा है। आलोचकों का कहना है कि कंपनी की तकनीक अब केवल चोरी की गाड़ियों की पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें फेशियल रिकग्निशन और पैदल चलने वालों की ट्रैकिंग जैसे फीचर्स भी शामिल हो गए हैं, जिस पर पर्याप्त निगरानी नहीं है।
कंपनी और निवेश पर असर
दिलचस्प बात यह है कि Flock Safety एक प्राइवेट कंपनी है और किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। कंपनी ने हाल ही में $500 मिलियन की सीरीज H फंडिंग हासिल की थी, जिससे इसकी वैल्यूएशन लगभग $8.3 बिलियन तक पहुंच गई है। हालांकि, कंपनी का रिवेन्यू मॉडल पूरी तरह से म्यूनिसिपल और राज्य-स्तरीय सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर टिका है।
यह घटना उन टेक कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो सरकारी सेक्टर पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। यदि अन्य राज्य भी इसी तरह के कदम उठाते हैं, तो कंपनी के भविष्य के रिवेन्यू पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपनी डेटा गवर्नेंस पॉलिसी को कैसे बदलती है और क्या वह सरकारी पार्टनर्स का भरोसा दोबारा जीत पाएगी।
