Flipkart ने बेंगलुरु में अपनी ONDC-आधारित फूड डिलीवरी सर्विस 'Eat In' का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है और क्विक-कॉमर्स के लिए अलग से 'Flipkart Minutes' ऐप लॉन्च किया है।
फूड डिलीवरी में नई हलचल
Flipkart अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। कंपनी ने बेंगलुरु में अपने कर्मचारियों के लिए ONDC-पावर्ड फूड सर्विस 'Eat In' की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इस सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि Flipkart रेस्टोरेंट्स से केवल 10% से 11% का कमीशन चार्ज करने की योजना बना रही है, जो कि मार्केट में मौजूद मौजूदा दिग्गजों के मुकाबले काफी कम है। इस सर्विस का पब्लिक रोलआउट सितंबर के मध्य तक होने की उम्मीद है।
क्विक-कॉमर्स में बड़ी जंग
फूड डिलीवरी के साथ-साथ Flipkart ने 'Flipkart Minutes' नाम से एक स्टैंडअलोन ऐप भी पेश किया है। इसका उद्देश्य Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे खिलाड़ियों को टक्कर देना है। पिछले कुछ समय से कंपनी के मंथली एक्टिव यूजर्स में गिरावट देखी गई है, जो 2023-2024 के 39% से गिरकर 2026 में 35% पर आ गए हैं।
क्या है बड़ी चुनौतियां?
यह कदम भले ही आक्रामक हो, लेकिन इसके सामने राह आसान नहीं है। Zomato और Swiggy का मार्केट पर दबदबा है, और Flipkart के लिए इस फेस्टिव सीजन के दौरान इतने बड़े ऑपरेशंस को मैनेज करना एक बड़ा ऑपरेशनल चैलेंज साबित हो सकता है। कम कमीशन और फ्री-डिलीवरी मॉडल से कंपनी की यूनिट इकोनॉमिक्स पर दबाव पड़ना तय है। अब देखना यह है कि क्या Flipkart इन नए प्रयोगों से अपने खोए हुए ग्राहकों को वापस प्लेटफॉर्म पर ला पाती है या नहीं।
