भारत के फूड डिलीवरी मार्केट में नई जंग छिड़ने वाली है! Flipkart और Ownly जैसे नए खिलाड़ी Swiggy और Zomato को सीधी टक्कर देने आ गए हैं। ये कंपनियां रेस्टोरेंट्स से काफी कम कमीशन वसूलेंगी, जो मौजूदा 16% से 30% की तुलना में बहुत कम है। ऐसे में, Bengaluru जैसे बड़े शहरों में Swiggy और Zomato को अपनी बाजार हिस्सेदारी बचाने के लिए अपनी स्कीम्स में बदलाव करना पड़ सकता है।
रेस्टोरेंट कमीशन पर बड़ा सवाल
भारत के फूड डिलीवरी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नए प्लेयर्स, Swiggy और Zomato के दबदबे को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। Flipkart इसी साल अगस्त के मध्य तक Bengaluru में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके लिए वे सरकार के Open Network for Digital Commerce (ONDC) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, Rapido जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़ी स्टार्टअप Ownly पहले ही जीरो-कमीशन मॉडल के साथ काम शुरू कर चुकी है।
क्या है रेस्टोरेंट्स की चिंता?
रेस्टोरेंट पार्टनर्स लंबे समय से Swiggy और Zomato जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा लगाए जा रहे हाई कमीशन रेट्स (आम तौर पर 16% से 30%) से परेशान थे। यह कमीशन उनके लिए बड़ा खर्च था। अब Flipkart करीब 10% और Ownly जीरो-कमीशन के साथ मैदान में उतरकर रेस्टोरेंट्स को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। यह नया बिजनेस मॉडल रेस्टोरेंट एक्विजिशन को प्राथमिकता दे रहा है।
मार्केट में Ownly की तेज एंट्री
Ownly ने Bengaluru में अच्छी शुरुआत की है। यह प्लेटफॉर्म हर दिन करीब 40,000 ऑर्डर तक पहुंच रहा है और 25,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स को अपने साथ जोड़ चुका है। इस तेज एंट्री से Ownly ने Bengaluru मार्केट में करीब 7-10% की हिस्सेदारी हासिल कर ली है। Flipkart ONDC के जरिए अपना यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करने की कोशिश करेगा, लेकिन दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए डिलीवरी लॉजिस्टिक्स को मैनेज करते हुए अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।
Swiggy और Zomato पर दबाव
इस नई प्रतिस्पर्धा से Swiggy और Zomato पर अपने मर्चेंट इंसेंटिव प्रोग्राम्स और प्राइसिंग स्ट्रैटेजी पर फिर से विचार करने का दबाव बढ़ गया है। अब तक भारत में फूड डिलीवरी मार्केट में ज्यादा कॉम्पिटिशन नहीं था, जिससे मार्केट शेयर स्टेबल था। लेकिन नए प्लेयर्स के आने से यह सेक्टर अब नए बदलाव की ओर बढ़ सकता है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि Swiggy और Zomato इस प्राइसिंग प्रेशर पर कैसे रिएक्ट करते हैं। क्या नए प्लेयर्स बिना ज्यादा नुकसान उठाए अपने बिजनेस को बढ़ा पाएंगे? सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये नए प्लेटफॉर्म्स नए कस्टमर्स को फूड डिलीवरी इकोसिस्टम में ला पाएंगे, या सिर्फ मौजूदा मार्केट लीडर्स से ऑर्डर शिफ्ट करवा पाएंगे। भविष्य में, Flipkart की ONDC-बेस्ड सर्विस के एक्सपेंशन टाइमलाइन और नए कॉम्पिटिटर्स द्वारा लाए गए लो-कमीशन मॉडल्स की सस्टेनेबिलिटी पर अपडेट्स पर नजर रहेगी।
