US-बेस्ड कंपनी Figure AI ने अपने ह्यूमनाइड रोबोट्स का **30** घरों में सफल परीक्षण किया है। नए Helix 2.5 न्यूरल नेटवर्क के जरिए इन रोबोट्स ने बिना किसी खास ट्रेनिंग के **56%** टास्क को पूरा किया। निवेशकों के लिए यह रोबोटिक्स में एक बड़े बदलाव का संकेत है, हालांकि कमर्शियल सफलता के लिए अभी काफी सुधार की जरूरत है।
बिना ट्रेनिंग के काम करने का दम
कैलिफोर्निया में हुए इस ट्रायल में Figure AI के ह्यूमनाइड रोबोट्स ने घरों के अंदर टॉवेल फोल्ड करने, कमरों को साफ करने और बेड बनाने जैसे घरेलू काम किए। सबसे बड़ी बात यह थी कि इन मशीनों को उस घर के हिसाब से पहले से प्रोग्राम या मैप नहीं किया गया था। यह ट्रायल रोबोटिक्स को फैक्ट्रियों की चारदीवारी से निकालकर आम घरों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ी कोशिश है।
Helix 2.5 और Index की ताकत
इन रोबोट्स को 'Helix 2.5' नामक न्यूरल नेटवर्क मॉडल से पावर दी गई है। पारंपरिक रोबोटिक्स में हर छोटे बदलाव के लिए मैन्युअल प्रोग्रामिंग की जरूरत होती है, लेकिन यहाँ 'Index' डेटासेट का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य 'जनरलाइज़ेबल रोबोटिक्स' तैयार करना है, ताकि रोबोट नई और अनजान जगहों पर अपने पुराने अनुभवों से सीखकर काम कर सके। टेस्ट के दौरान इसने 56% टास्क को बिना किसी रुकावट के पूरा किया।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही 56% की सफलता एक बड़ी उपलब्धि हो, लेकिन 44% का फेलियर रेट यह बताता है कि टेक्नोलॉजी अभी एक्सपेरिमेंटल फेज में है। कमर्शियल इस्तेमाल के लिए इन्हें और अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और तेज बनाने की चुनौती बरकरार है।
यह एक्सपेरिमेंट ऑटोमेशन सेक्टर में आ रहे एक बड़े बदलाव का हिस्सा है, जहाँ अब ऐसी मशीनों पर दांव लगाया जा रहा है जो एक ही काम के बजाय कई तरह के काम कर सकें। भविष्य में ऐसी तकनीक सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग की लागत को काफी कम कर सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि कंपनियां इन रोबोट्स की बैटरी लाइफ, प्रोसेसिंग स्पीड और सेफ्टी को कैसे बेहतर बनाती हैं ताकि ये रिसर्च से निकलकर हकीकत में बाजार तक पहुंच सकें।
