Figma के तीसरी तिमाही के नतीजों ने मिला-जुला असर दिखाया है। कंपनी का रेवेन्यू **43%** बढ़कर **$391.4 मिलियन** पर पहुंच गया है, लेकिन उम्मीद से कम मार्जिन के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली की है और शेयर में **8%** की गिरावट आई है।
मार्जिन पर भारी पड़ा AI का निवेश
Figma का रेवेन्यू भले ही उम्मीदों के पार गया हो, लेकिन बाजार की नजरें कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर टिकी थीं। कंपनी ने 80% का GAAP ग्रॉस मार्जिन दर्ज किया, जो विश्लेषकों के अनुमानों से थोड़ा कम रहा। असल में, Figma अब थर्ड-पार्टी मॉडल्स के बजाय अपने खुद के प्रोपराइटरी AI मॉडल्स तैयार कर रही है। इस शिफ्ट के लिए कंपनी को कंप्यूटिंग पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर शॉर्ट-टर्म मार्जिन पर दिख रहा है।
AI क्रेडिट मॉडल से उम्मीदें
नुकसान के बावजूद, कंपनी का मॉनेटाइजेशन मॉडल तेजी से काम कर रहा है। Figma ने 'क्रेडिट-बेस्ड प्राइसिंग' अपनाई है, जिसमें एंटरप्राइज क्लाइंट्स AI क्रेडिट्स खरीदते हैं। हैरानी की बात यह है कि 80% से ज्यादा बड़े क्लाइंट्स हर हफ्ते इन AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस मॉडल के लिए काफी मजबूत संकेत है।
भविष्य के लिए क्या है प्लान?
कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर बेहद आक्रामक है। Figma ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाकर $1.497 बिलियन से $1.499 बिलियन कर दी है। साथ ही, एडजस्टेड ऑपरेटिंग इनकम का लक्ष्य बढ़ाकर $163 मिलियन रखा गया है। मैनेजमेंट को भरोसा है कि अगले 18 महीनों में AI पर किया गया यह भारी निवेश कंपनी की मुनाफेदारी को नई रफ्तार देगा। हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी लागत को कैसे काबू में रखती है।
