AI की दुनिया में बड़ा बदलाव: Google के पूर्व रिसर्चर्स ने शुरू की Sampura Research, जुटाए **$1.1 करोड़**

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AI की दुनिया में बड़ा बदलाव: Google के पूर्व रिसर्चर्स ने शुरू की Sampura Research, जुटाए **$1.1 करोड़**

Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर्स ने मिलकर एक नई नॉन-प्रॉफिट संस्था 'Sampura Research' की शुरुआत की है। यह संस्थान मानव-एआई हाइब्रिड सुपरविजन सिस्टम विकसित कर रहा है और इसे कुल **$1.1 करोड़** की फंडिंग हासिल हुई है। ध्यान दें, यह एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है और इसका शेयर बाजार से कोई लेना-देना नहीं है।

Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर्स ऋषभ जैन और जोशुआ जैकब ने आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए 'Sampura Research' की नींव रखी है। इस संस्था को $65 लाख की शुरुआती पूंजी के साथ कुल $1.1 करोड़ (अतिरिक्त $42 लाख के वादे के साथ) की फंडिंग मिली है, जिसे Coefficient Giving का समर्थन प्राप्त है।

क्यों खास है यह 'Judge' सिस्टम?

वर्तमान में AI इंडस्ट्री पूरी तरह से ऑटोमेशन पर निर्भर है, जहाँ एक AI मॉडल दूसरे मॉडल की गलतियों को पकड़ता है। जानकारों का मानना है कि इससे सिस्टम में बड़े 'ब्लाइंड स्पॉट्स' पैदा हो सकते हैं। Sampura Research इस समस्या को हल करने के लिए 'ह्यूमन-एआई हाइब्रिड मॉडल' ला रही है, ताकि जहां जरूरत हो, वहां इंसानी हस्तक्षेप से सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके।

कॉर्पोरेट रेस और सुरक्षा

यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब Alphabet Inc., OpenAI और Anthropic जैसी बड़ी टेक कंपनियां AI मॉडल को स्केल करने की होड़ में लगी हैं। रिसर्चर्स का मानना है कि कमर्शियल दबाव के चलते अक्सर सुरक्षा प्रोटोकॉल से समझौता हो जाता है। एक स्वतंत्र नॉन-प्रॉफिट संस्था के तौर पर, Sampura Research बिना किसी व्यावसायिक दबाव के सुरक्षा मानकों को टेस्ट करेगी।

निवेशकों के लिए जरूरी सूचना:
स्पष्ट रहे कि Sampura Research एक गैर-लाभकारी (Non-profit) संस्था है। यह कोई पब्लिक लिमिटेड कंपनी नहीं है और न ही इसके कोई शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। इसका उद्देश्य केवल AI सुरक्षा के लिए मानक तैयार करना है, न कि कोई वित्तीय रिटर्न देना।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.