Even Realities का जलवा! 150 मिलियन डॉलर फंडिंग के साथ 1 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Even Realities का जलवा! 150 मिलियन डॉलर फंडिंग के साथ 1 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन पार

स्मार्ट ग्लास बनाने वाली कंपनी Even Realities ने 150 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग के साथ कंपनी का वैल्यूएशन 1 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। इस राउंड का नेतृत्व Meituan और Tencent ने किया है।

कैमरे के बिना, सिर्फ डिस्प्ले पर फोकस

Even Realities, जो 2023 में स्थापित हुई थी, अब 'यूनिकॉर्न' बन गई है। कंपनी प्री-सीरीज़ B राउंड में 150 मिलियन डॉलर जुटाने में सफल रही, जिससे इसका मूल्यांकन 1 बिलियन डॉलर हो गया। इस फंडिंग में चीन की बड़ी टेक कंपनियों Meituan और Tencent ने अगुवाई की है।

स्मार्ट ग्लास की दुनिया में Meta और Snap जैसी कंपनियों से मुकाबला करते हुए, Even Realities ने अपना एक अलग रास्ता चुना है। कंपनी कैमरे और AI-बेस्ड फीचर्स की बजाय डिस्प्ले-फर्स्ट अप्रोच पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसका मतलब है कि उनके स्मार्ट ग्लास सीधे पहनने वाले की नजर में जानकारी दिखाएंगे, बिना किसी कैमरे के। यह उन प्रोफेशनल्स को आकर्षित करने के लिए है जो प्राइवेसी और कम्फर्ट को ज्यादा महत्व देते हैं। कंपनी का कहना है कि उनके G2 मॉडल को यूरोप जैसे सख्त प्राइवेसी नियमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

दमदार टीम और सेल्स का प्रदर्शन

Even Realities की फाउंडिंग टीम में Apple के पूर्व इंजीनियर्स और लग्जरी आईवियर एक्सपर्ट्स शामिल हैं। पिछले तीन सालों में कंपनी ने तेजी से अपने कर्मचारियों की संख्या 30 से बढ़ाकर लगभग 400 कर ली है। उनका पहला प्रोडक्ट G1, 2024 में लॉन्च हुआ था और उसे सबसे हल्के वेवगाइड-आधारित स्मार्ट ग्लास में से एक बताया गया था। कंपनी का दावा है कि G1 ने बिक्री के शुरुआती लक्ष्यों को पार करते हुए 10,000 से ज्यादा यूनिट्स बेचीं।

वर्तमान में, G2 ग्लासेज की कीमत 599 डॉलर है, और प्रिस्क्रिप्शन लेंस और कंट्रोल एक्सेसरीज़ के साथ कुल ऑर्डर वैल्यू लगभग 1,000 डॉलर तक पहुंच जाती है। कंपनी फिलहाल इंटरनेशनल मार्केट पर ध्यान दे रही है, खासकर अमेरिका में बिक्री और डेवलपर एंगेजमेंट बढ़ा रही है।

टेक्नोलॉजी और फ्यूचर के रिस्क

कंपनी का वैल्यूएशन काफी हद तक उनकी अपनी खास ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी, Even HAO (Holistic Adaptive Optics) पर निर्भर करता है। यह टेक्नोलॉजी माइक्रोचिप्स और वेवगाइड्स को इंटीग्रेट करने की सुविधा देती है। हालांकि, वर्टिकल इंटीग्रेशन से क्वालिटी कंट्रोल में मदद मिलती है, लेकिन इसमें हाई कैपिटल इन्वेस्टमेंट और लगातार R&D की जरूरत होती है ताकि तेज़ी से बदलते हार्डवेयर सेक्टर में आगे रहा जा सके। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी कैसे अपने इंटरनेशनल रिटेल नेटवर्क का विस्तार करती है और क्या वह बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला कर पाती है जो AI-इंटीग्रेटेड वियरेबल इकोसिस्टम में भारी निवेश कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ाते हुए मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स को बनाए रखना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।

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