एआई (AI) की दुनिया में अपनी सुरक्षा को लेकर Eternal ने नया दांव खेला है। कंपनी ने प्रोफेशनल इस्तेमाल के लिए 'Dark.ai' लॉन्च करने की घोषणा की है, जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के जरिए डेटा को पूरी तरह प्राइवेट रखेगा।
डेटा सिक्योरिटी का नया मोर्चा
Deepinder Goyal के नेतृत्व वाली कंपनी Eternal ने Dark.ai को विशेष रूप से उन प्रोफेशनल्स के लिए तैयार किया है जिन्हें प्राइवेसी की सबसे ज्यादा जरूरत है, जैसे पत्रकार, शोधकर्ता और बड़े कॉर्पोरेट लीडर्स। यह टूल मौजूदा AI मॉडल्स से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह यूजर के डेटा का इस्तेमाल अपने मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं करेगा। कंपनी ने 2026 तक इसे ग्लोबल स्तर पर पेश करने की योजना बनाई है।
प्राइवेसी का 'किलेबंदी' मॉडल
Dark.ai की सबसे बड़ी खूबी इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है। कंपनी का दावा है कि सर्विस प्रोवाइडर खुद भी यूजर की बातचीत को एक्सेस नहीं कर पाएगा। साथ ही, इसमें एक खास 'मेमोरी-मैनेजमेंट लेयर' दी गई है, जिससे यूजर के पास यह कंट्रोल होगा कि कौन सा डेटा सुरक्षित रखना है और कौन सा नहीं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और लागत की चुनौती
निवेशकों के लिए यहाँ दो बड़े जोखिम हैं:
- हाई कॉस्ट: कंपनी अपनी खुद की इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करेगी, न कि किसी थर्ड-पार्टी क्लाउड सर्विस का। यह मॉडल सामान्य क्लाउड सोलूशन्स की तुलना में कहीं ज्यादा कैपिटल-इंटेंसिव (पूंजी प्रधान) है।
- ऑडिट का इंतजार: फिलहाल कंपनी ने अभी तक किसी स्वतंत्र थर्ड-पार्टी द्वारा अपने सुरक्षा दावों का ऑडिट नहीं कराया है। प्रोफेशनल्स के भरोसे को जीतने के लिए आने वाले समय में ऑडिट रिजल्ट्स एक बड़ा पैमाना होंगे।
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, क्या Eternal इस हाई-कॉस्ट मॉडल के साथ बड़े टेक दिग्गजों को चुनौती दे पाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
