दीपिंदर गोयल के नेतृत्व वाली कंपनी Eternal ने 'Dark' नाम का एक नया AI असिस्टेंट पेश किया है, जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ आता है। कंपनी का मुनाफा हाल ही में **92%** उछला है, हालांकि मार्केट अब इस नए टेक्नोलॉजी के रेवेन्यू मॉडल और लॉन्च की तारीख का इंतजार कर रहा है।
प्राइवेसी पर बड़ा जोर
Eternal ने 'Dark' को विशेष रूप से उन यूजर्स के लिए तैयार किया है जो डेटा सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं, जैसे कि शोधकर्ता, सरकारी अधिकारी और कंपनी फाउंडर्स। इस टूल की सबसे बड़ी खासियत इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है, जिससे कंपनी खुद भी आपके डेटा या बातचीत को एक्सेस नहीं कर पाएगी। यह एक पूरी तरह से निजी 'सैंडबॉक्स' वातावरण में काम करता है।
टेक्नोलॉजी की ताकत
आम AI मॉडल्स के उलट, 'Dark' को एक प्रोप्राइटरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बनाया गया है। इसमें एक एन्क्रिप्टेड मेमोरी लेयर है, जो सुरक्षा से समझौता किए बिना पिछली बातचीत को याद रखने में मदद करती है। यह उन कार्यों के लिए बेस्ट है जहां रणनीतिक गोपनीयता सर्वोपरि है।
मजबूत फाइनेंशियल नंबर्स
यह नई टेक्नोलॉजी ऐसे समय में आई है जब कंपनी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 77.6% बढ़कर ₹24,138 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 92.3% का भारी उछाल देखने को मिला और यह ₹125 करोड़ पर पहुंच गया।
निवेशकों के लिए चिंताएं
कंपनी ने अपनी तकनीकी ताकत तो दिखा दी है, लेकिन निवेशकों के मन में अभी भी कई सवाल हैं। 2026 में इसके ग्लोबल लॉन्च की योजना है, लेकिन अभी तक कोई फिक्स्ड प्राइसिंग मॉडल या स्पष्ट रेवेन्यू गाइडेंस सामने नहीं आया है। मार्केट अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या इस महंगे एन्क्रिप्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च कंपनी के लॉन्ग-टर्म मार्जिन पर असर डालेगा या यह वाकई एक गेम-चेंजर साबित होगा।
