Eternal के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) में अपने नेट प्रॉफिट में **268%** का शानदार सालाना उछाल दर्ज किया है। यह बढ़कर **₹92 करोड़** हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह **₹25 करोड़** था। इस दमदार नतीजे के दम पर स्टॉक में **1%** की तेजी देखी गई।
Detailed Coverage
क्यों आया मुनाफे में इतना बड़ा उछाल?
Eternal, जो फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स का बड़ा नाम है, ने अपने पहली तिमाही के नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी की आय (Revenue) में भी जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो ₹20,211 करोड़ तक पहुंच गई है।
नए अंदाज में रिपोर्टिंग: NOV पर फोकस
कंपनी अब ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) की जगह नेट ओनर वैल्यू (NOV) पर अपने प्रदर्शन को ट्रैक करने का फैसला किया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे कंपनी के असली बिजनेस की वैल्यू को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
- फूड डिलीवरी: इस सेगमेंट में NOV में 20% से ज्यादा की सालाना ग्रोथ देखी गई है। यह लगातार चौथी तिमाही है जब इस सेगमेंट ने ग्रोथ दर्ज की है। यहां एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 5.6% रहा, जिससे कंपनी को ₹606 करोड़ का फायदा हुआ।
- Blinkit (क्विक-कॉमर्स): कंपनी के क्विक-कॉमर्स बिजनेस Blinkit ने शानदार वापसी की है। NOV में 86% की सालाना ग्रोथ के साथ यह ₹17,132 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने 200 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 2,443 हो गई। Blinkit ने ₹102 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹162 करोड़ के घाटे से एक बड़ी छलांग है।
अन्य सेगमेंट का हाल
- 'गोइंग-आउट' (District): इस सेगमेंट ने NOV में 60% की ग्रोथ के साथ ₹3,218 करोड़ का आंकड़ा पार किया, हालांकि ₹65 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA घाटा भी दर्ज किया गया।
- Hyperpure: यह सेगमेंट, जो सामग्री सप्लाई करता है, की आय 27% बढ़कर ₹1,034 करोड़ रही और इसने ₹6 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA कमाया।
- Bistro और Nugget: इन नए वेंचर्स में कंपनी निवेश कर रही है, जिस कारण इन पर खर्च बढ़ा है और एडजस्टेड EBITDA घाटा बढ़कर ₹94 करोड़ हो गया है।
बाजार की प्रतिक्रिया
इन नतीजों का बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला। ट्रेडिंग के दौरान कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद, Eternal के शेयर BSE पर 1% की बढ़त के साथ ₹289.55 पर बंद हुए।
आगे चलकर निवेशक Bistro और Nugget जैसे नए प्रोजेक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखेंगे, साथ ही यह भी देखेंगे कि कंपनी अपने स्थापित क्विक-कॉमर्स और फूड डिलीवरी बिजनेस में मार्जिन सुधार को कैसे बनाए रखती है।
