Ericsson: भारत में बने एंटीना अब यूरोप में धमाल मचाएंगे, बदल गई कंपनी की सप्लाई चेन रणनीति

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Ericsson: भारत में बने एंटीना अब यूरोप में धमाल मचाएंगे, बदल गई कंपनी की सप्लाई चेन रणनीति

Telecom दिग्गज Ericsson अब भारत में बने एंटीना का निर्यात यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों में कर रही है। भारत के मजबूत 5G इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाकर कंपनी अपने ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव ला रही है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।

स्वीडिश टेलीकॉम दिग्गज Ericsson ने अब भारत में निर्मित एंटीना का निर्यात यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शुरू कर दिया है। यह कदम कंपनी की वैश्विक लॉजिस्टिक्स रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, जहाँ अब भारत केवल एक लोकल मार्केट नहीं, बल्कि एडवांस्ड नेटवर्क इक्विपमेंट का मुख्य हब बन गया है।

प्रोडक्शन में भारी उछाल

जुलाई 2025 के बाद से, कंपनी ने अपने भारतीय ऑपरेशंस को काफी स्केल किया है। Ericsson ने अब तक 15,000 से ज्यादा एंटीना और 2.5 करोड़ से अधिक नेटवर्क कंपोनेंट्स का निर्माण किया है। यह तेजी कंपनी के AI-रेडी नेटवर्क आर्किटेक्चर की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें भारत के 95% मिड-बैंड 5G कवरेज का पूरा उपयोग किया जा रहा है।

मार्जिन और फाइनेंशियल स्थिति

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह मैन्युफैक्चरिंग बदलाव मुनाफे को बढ़ा पाएगा? Q2 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन 48.4% और एडजस्टेड EBITA मार्जिन 13.1% रहा है। हालांकि लोकल मैन्युफैक्चरिंग से लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सकती है, लेकिन कॉम्पोनेंट की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल चुनौतियों के बीच मार्जिन को मेंटेन रखना एक बड़ी चुनौती है।

रिस्क फैक्टर और चुनौतियां

कंपनी के सामने कुछ गंभीर चुनौतियां भी हैं। करेंसी में उतार-चढ़ाव (Currency Fluctuation) सीधे तौर पर सेल्स और EBITA मार्जिन को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी का 'नेटवर्क्स' सेगमेंट प्रतिस्पर्धी कीमतों और महंगाई के कारण दबाव में है। जानकारों का मानना है कि साल 2026 तक कंपनी पर रीस्ट्रक्चरिंग का खर्च बना रह सकता है।

आगे क्या देखें?

अब निवेशकों की नजरें कंपनी के क्वार्टरली मार्जिन अपडेट्स पर हैं। भविष्य में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह 5G से 6G की यात्रा के दौरान अपनी ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और IPR (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) रेवेन्यू को कैसे मैनेज करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.