Equiniti का बड़ा दांव: भारत से शुरू होगा 'टोकनाइज्ड एसेट' का नया सफर, Bullish के साथ डील पक्की

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Equiniti का बड़ा दांव: भारत से शुरू होगा 'टोकनाइज्ड एसेट' का नया सफर, Bullish के साथ डील पक्की

ग्लोबल ट्रांसफर एजेंट Equiniti अब भारत में मौजूद अपने **2,600** कर्मचारियों की मदद से टोकनाइज्ड इक्विटी और रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने जा रही है। यह बड़ा बदलाव डिजिटल एसेट फर्म Bullish द्वारा **$4.2 बिलियन** में कंपनी के अधिग्रहण के बाद हो रहा है।

भारत में बदली रणनीति

Equiniti, जो दुनिया भर में पब्लिक कंपनियों के ओनरशिप रिकॉर्ड मैनेज करती है, अब अपने भारतीय ऑपरेशन्स की दिशा बदल रही है। कंपनी अपने 43% ग्लोबल वर्कफोर्स का उपयोग चेन्नई, बेंगलुरु और नागरकोइल स्थित सेंटर्स से टोकनाइज्ड फाइनेंशियल एसेट्स (Tokenized Financial Assets) के इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में करेगी। इसमें AI-ड्रिवन सॉल्यूशंस के साथ-साथ इक्विटी और रियल एस्टेट के टोकनाइजेशन पर मुख्य फोकस रहेगा।

क्या भारतीय शेयर बाजार में निवेश का मौका है?

निवेशकों को यह साफ समझना होगा कि Equiniti अभी भारतीय शेयर बाजार (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं है। 2021 में Siris Capital द्वारा खरीदे जाने के बाद यह एक प्राइवेट कंपनी बन गई थी। इसलिए, इस विस्तार का भारतीय मार्केट में सीधे तौर पर निवेश का कोई अवसर नहीं है।

डील और रेगुलेटरी रिस्क

Bullish (NYSE: BLSH) के साथ हुई $4.2 बिलियन की इस डील में $1.85 बिलियन का कर्ज शामिल है और बाकी का हिस्सा Bullish के शेयर के रूप में है। यह डील जनवरी 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, सबसे बड़ा चैलेंज भारत में रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का है। टोकनाइज्ड एसेट्स के लिए अभी भी भारत में नियमों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, जो कंपनी के भविष्य की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.