AI का दौर: कंपनियां सॉफ्टवेयर वेंडर्स को कह रही 'बाय-बाय', खुद बना रही हैं अपने टूल्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
AI का दौर: कंपनियां सॉफ्टवेयर वेंडर्स को कह रही 'बाय-बाय', खुद बना रही हैं अपने टूल्स

बड़ी कंपनियां अब कमर्शियल सॉफ्टवेयर खरीदने के बजाय खुद के AI कोडिंग एजेंट्स का इस्तेमाल कर रही हैं। भले ही इससे काम की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन सिर्फ **37%** कंपनियों के प्रॉफिट में सुधार देखा गया है।

दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अब ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर्स का दामन छोड़ रही हैं। डेटा के मुताबिक, AI का इस्तेमाल करने वाली करीब 33% कंपनियों ने कमर्शियल सॉफ्टवेयर खरीदने का प्लान कैंसिल कर दिया है और वे इन-हाउस डेवलपमेंट पर जोर दे रही हैं। टेक सेक्टर में यह रुझान और भी तेज है, जहां 41% कंपनियां बाहरी वेंडर्स को दरकिनार कर अपनी जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड टूल्स बना रही हैं।

प्रोडक्टिविटी बढ़ी, पर मुनाफा नहीं

यह बदलाव कंपनियों के IT बजट खर्च करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है। अब AI के जरिए कोडिंग आसान होने से कंपनियां इंटरनल फीचर्स तेजी से बना रही हैं। हालांकि, इसके साथ फाइनेंशियल चुनौतियां भी जुड़ी हैं। कर्मचारियों की मानें तो 80% का कहना है कि AI कोडिंग एजेंट्स ने उनकी प्रोडक्टिविटी काफी बढ़ा दी है, लेकिन यह सुधार कंपनी के कुल फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में नहीं दिख रहा है। महज 37% कंपनियों का मानना है कि इससे उनके नेट प्रॉफिट (EBIT) पर पॉजिटिव असर पड़ा है।

बढ़ते खर्च का दबाव

प्रोडक्टिविटी और मुनाफे के बीच इस अंतर की बड़ी वजह 'ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस' हैं। करीब 20% कंपनियों ने AI प्रोसेसिंग की बढ़ती लागत, जिसे 'टोकन कॉस्ट' कहा जाता है, को बड़ी बाधा माना है। कंप्यूटिंग पावर के ये भारी-भरकम खर्च अक्सर सॉफ्टवेयर लाइसेंस की बचत को भी निगल जाते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

IT इंडस्ट्री के लिए यह एक मिला-जुला संकेत है। जो सॉफ्टवेयर कंपनियां लाइसेंस फीस पर निर्भर हैं, उनके लिए यह बड़ा खतरा हो सकता है। वहीं, IT सर्विसेज देने वाली कंपनियों को नए मौके मिल सकते हैं क्योंकि कंपनियों को इन जटिल AI एनवायरनमेंट को मैनेज करने के लिए सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी। फिलहाल, कंपनियां रुकने के मूड में नहीं हैं और अगले फाइनेंशियल ईयर में करीब 60% कंपनियां AI में अपना इन्वेस्टमेंट बढ़ाने की तैयारी में हैं। निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर यह देखना जरूरी होगा कि क्या कंपनियां AI के ऊंचे खर्चों को काबू कर पाती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.