AI वॉइस टेक्नोलॉजी कंपनी ElevenLabs ने भारत को अपना दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट घोषित किया है। कंपनी यहां अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए करोड़ों डॉलर का निवेश कर रही है और अपना पूरा फोकस एंटरप्राइज क्लाइंट्स पर शिफ्ट कर रही है, जो अब उनके कुल रेवेन्यू का 55% हिस्सा हैं।
भारत में बढ़ती पकड़
AI वॉइस टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी ElevenLabs भारत में अपनी जड़ें गहरी कर रही है। सीईओ Mati Staniszewski ने पुष्टि की है कि कंपनी भारत में रिसर्च और इंजीनियरिंग टीम खड़ी करने के लिए करोड़ों डॉलर का निवेश कर रही है। कंपनी का एनुअल रेवेन्यू रन रेट $600 मिलियन के स्तर पर पहुंच गया है, जो इसके बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है।
एंटरप्राइज पर फोकस
कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए इंडिविजुअल यूजर्स के बजाय बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। वर्तमान में एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट्स कंपनी के बिजनेस का 55% हिस्सा हैं। भारतीय कंपनियों की बात करें तो PhysicsWallah अपने एजुकेशनल टूल्स के लिए, Cars24 और Razorpay सेल्स और कस्टमर सर्विस के लिए, और Havells India अपने स्मार्ट होम प्रोडक्ट्स में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आप भारतीय शेयर बाजार में इस मौके की तलाश में हैं, तो यह ध्यान रखना जरूरी है कि ElevenLabs फिलहाल एक प्राइवेट कंपनी है और यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। सितंबर 2026 में हुए एक टेंडर ऑफर के बाद कंपनी की वैल्यूएशन $22 बिलियन तक पहुंच गई है। चूंकि यह शेयर बाजार में उपलब्ध नहीं है, इसलिए निवेशक सीधे तौर पर इसके शेयर नहीं खरीद सकते।
चुनौतियां और भविष्य की राह
AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डेटा प्राइवेसी को लेकर कड़े रेगुलेटरी नियमों के बीच कंपनी को कड़ी चुनौती मिल सकती है। साथ ही, कंपनी का अगला बड़ा लक्ष्य अपनी भाषा क्षमता को बढ़ाकर 14 भाषाओं से 22 भारतीय भाषाओं तक ले जाना है। कंपनी की सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि वह भारतीय बाजार की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को कितनी सटीकता से संभाल पाती है।
