Ecobox का बड़ा दांव: Google के AI हब के लिए ₹1,008 करोड़ का पार्क बनेगा विशाखापत्तनम में

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Ecobox का बड़ा दांव: Google के AI हब के लिए ₹1,008 करोड़ का पार्क बनेगा विशाखापत्तनम में

Ecobox Industrial Asset IV, विशाखापत्तनम के पास **₹1,008 करोड़** का एक विशाल लॉजिस्टिक्स और लाइट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करेगा। यह **1.95 मिलियन वर्ग फुट** का पार्क Google के आने वाले इंडिया AI हब को सपोर्ट करेगा और क्षेत्र में **5,000** प्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा करेगा, जिससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।

Ecobox का ₹1,008 करोड़ का निवेश

टेक दिग्गज Google, आंध्र प्रदेश में अपने डिजिटल फुटप्रिंट का विस्तार कर रहा है। कंपनी विशाखापत्तनम में एक नए लॉजिस्टिक्स और लाइट इंडस्ट्रियल पार्क प्रोजेक्ट का समर्थन कर रही है। वेयरहाउसिंग फर्म Logicap की सहायक कंपनी Ecobox Industrial Asset IV Pvt Ltd, जिसे Hillhouse Investment का भी समर्थन प्राप्त है, इस प्रोजेक्ट में ₹1,008 करोड़ का निवेश करेगी। यह सुविधा विशेष रूप से Google इंडिया AI हब के लिए आवश्यक वेयरहाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिसकी घोषणा इसी साल की गई थी।

प्रोजेक्ट का पैमाना और भूमि आवंटन

आंध्र प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 91.38 एकड़ भूमि आवंटित की है। इसमें लगभग 1.95 मिलियन वर्ग फुट का बिल्ट-अप स्पेस होगा। इस सुविधा को एक विविध औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नियोजित किया गया है, जिसमें तीन बड़े वेयरहाउस ब्लॉक, डेटा सेंटर ऑपरेशंस के लिए एक समर्पित क्षेत्र, लाइट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे। क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक फिजिकल इकोसिस्टम बनाकर, यह प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स, नेटवर्किंग और हार्डवेयर मेंटेनेंस को सीधे राज्य में Google के कोर AI ऑपरेशंस के साथ एकीकृत करने का लक्ष्य रखता है।

AI हब के लिए रणनीतिक महत्व

Google ने इस AI हब से संबंधित लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेवाओं के लिए Ecobox को अपना पसंदीदा भागीदार नामित किया है। समझौते के तहत, Google के पास पूरी हो चुकी सुविधाओं को खरीदने का पहला अधिकार (right of first refusal) होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पर उसका नियंत्रण बना रहे। यदि कंपनी पूरी जगह का उपयोग नहीं करने का निर्णय लेती है, तो Ecobox को शेष क्षमता को अन्य टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल किरायेदारों को पट्टे पर देने का अधिकार होगा। यह व्यवस्था विशाखापत्तनम में एक व्यापक डिजिटल क्लस्टर के निर्माण की अनुमति देती है, जिसे राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय सबमरीन केबल कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति तक पहुंच जैसे अपने मौजूदा लाभों के कारण बढ़ावा दे रही है।

निवेशकों के लिए संदर्भ और आउटलुक

निवेशकों के लिए, यह विकास बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निवेशों का समर्थन करने में विशेष लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है। चूंकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर को केवल कंप्यूटिंग हार्डवेयर की ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिकल, स्टोरेज और नेटवर्किंग सपोर्ट की भी आवश्यकता होती है, इसलिए ऐसे प्रोजेक्ट्स की सफलता एग्जीक्यूशन टाइमलाइन और ऑक्यूपेंसी रेट पर बहुत अधिक निर्भर करती है। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से 5,000 रोज़गार पैदा होंगे, जो उच्च-तकनीकी रोज़गार को क्षेत्र में आकर्षित करने में राज्य सरकार की सफलता का एक पैमाना हो सकता है।

इस प्रोजेक्ट के अगले चरण के लिए मुख्य निगरानी योग्य बिंदु निर्माण की समय-सीमा और Google इंडिया AI हब की परिचालन आवश्यकताओं के साथ सुविधा के एकीकरण की गति होगी। निवेशक इस बात पर भी नज़र रख सकते हैं कि क्या Ecobox या लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की अन्य संस्थाएं Google द्वारा उपयोग न की गई किसी भी क्षमता को भरने के लिए अतिरिक्त उच्च-मूल्य वाले किरायेदारों को सुरक्षित कर सकती हैं, क्योंकि इससे ऐसे औद्योगिक संपत्तियों की दीर्घकालिक राजस्व क्षमता प्रभावित होगी।

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