Google AI Tool: यूरोपीय संघ की सख्ती, Google के 'ऑप्ट-आउट' टूल पर शुरू हुई जांच

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AuthorAditya Rao|Published at:
Google AI Tool: यूरोपीय संघ की सख्ती, Google के 'ऑप्ट-आउट' टूल पर शुरू हुई जांच

यूरोपीय संघ (EU) के रेगुलेटर्स अब Google के AI सर्च 'ऑप्ट-आउट' मैकेनिज्म की जांच कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या यह टूल वेबसाइट ट्रैफिक को गलत तरीके से प्रभावित कर रहा है। जुलाई 2026 में लगे **€890 मिलियन** के भारी जुर्माने के बाद यह कार्रवाई Google के लिए नए रेगुलेटरी खतरे का संकेत है।

यूरोपीय संघ के एंटीट्रस्ट अधिकारी अब इस बात की गहन जांच कर रहे हैं कि Google अपने AI सर्च फीचर्स के जरिए वेब कंटेंट को कैसे मैनेज कर रहा है। रेगुलेटर फिलहाल पब्लिशर्स से फीडबैक ले रहे हैं कि जून में पेश किया गया 'ऑप्ट-आउट' मैकेनिज्म असल में वेबसाइट मालिकों को कोई विकल्प देता है या उन्हें मजबूरन कंटेंट और सर्च विजिबिलिटी में से किसी एक को चुनना पड़ता है।

बढ़ता रेगुलेटरी दबाव

यह जांच अचानक नहीं आई है। जुलाई 2026 में कंपनी को डिजिटल मार्केट एक्ट (DMA) के नियमों का उल्लंघन करने के लिए €890 मिलियन का भारी जुर्माना भरना पड़ा था। रेगुलेटर्स अब बारीकी से देख रहे हैं कि Google अपनी मार्केट पोजीशन बचाने के लिए नियमों का कितना पालन कर रहा है।

निवेशकों के लिए जोखिम

डिजिटल मार्केट एक्ट के तहत, यूरोपीय आयोग (European Commission) किसी कंपनी के कुल ग्लोबल एनुअल रेवेन्यू का 10% तक जुर्माना लगाने का अधिकार रखता है। Alphabet Inc. पर पिछले दो दशकों में यूरोप में €10 बिलियन से अधिक के एंटीट्रस्ट जुर्माने लग चुके हैं, जिससे भविष्य में बड़े आर्थिक दंड का खतरा बना हुआ है।

इसके अलावा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी खर्च और रेगुलेटरी दबाव के कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, अभी तक Alphabet Inc. ने भारतीय शेयर बाजारों (NSE या BSE) पर इस विशेष जांच को लेकर कोई रेगुलेटरी फाइलिंग नहीं की है और स्टॉक फिलहाल ब्रॉड मार्केट के रुझान के साथ ही ट्रेड कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.