यूक्रेन में Starlink की कनेक्टिविटी में आई समस्याओं के बाद अब European Union अपना खुद का स्वतंत्र और सॉवरेन सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की तैयारी में है। इस कदम से स्पेस टेक सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद है, हालांकि यह एक लंबी और महंगी चुनौती है।
यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में SpaceX के Starlink पर निर्भरता ने अब यूरोप के लिए सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में हुई कनेक्टिविटी की रुकावटों ने इस बात को पुख्ता कर दिया है कि रणनीतिक मामलों में निजी कंपनियों पर ज्यादा निर्भर रहना एक बड़ी कमजोरी है। ब्रसेल्स में हुई चर्चा के दौरान यूरोपीय अधिकारियों ने साफ किया है कि उन्हें अब ऐसे नेटवर्क की जरूरत है जो पूरी तरह से उनके नियंत्रण में हो।
डिफेंस और स्पेस सेक्टर पर असर
ग्लोबल एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनियों के लिए यह एक बड़ा संकेत है। सरकारें अब अपनी खुद की स्पेस कैपेबिलिटी बनाने पर जोर दे रही हैं। हालांकि, हजारों सैटेलाइट्स को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करना कोई आसान काम नहीं है। इसमें अरबों डॉलर का खर्च और लंबी समय सीमा शामिल है।
निवेशकों को अब उन सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर नजर रखनी चाहिए जो इन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जारी किए जाएंगे। चुनौती यह भी है कि नया सिस्टम Starlink की क्षमता और डेंसिटी की बराबरी कितनी जल्दी कर पाएगा। फिलहाल, बाजार के लिए असली खबर वो फंडिंग कमिटमेंट्स होंगे जो आने वाले समय में यूरोपीय देशों द्वारा घोषित किए जाएंगे।
