ESDS Software Solutions ने भारत में तेजी से बढ़ती AI जरूरतों को पूरा करने के लिए **1,500** Nvidia GPU यूनिट्स तैनात करने की योजना बनाई है। डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) कानूनों के बीच, कंपनी अब अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति को पूरी तरह से बदल रही है।
डेटा सोवरेनिटी का बढ़ता महत्व
भारत में बैंक, फार्मा कंपनियां और ऑयल सेक्टर की दिग्गज फर्दें अब अपना डेटा ग्लोबल क्लाउड दिग्गजों के बजाय घरेलू प्रोवाइडर्स के पास शिफ्ट कर रही हैं। इसकी बड़ी वजह Reserve Bank of India (RBI) के सख्त डेटा सोवरेनिटी नियम और 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट' (DPDP Act) हैं। घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कंपनियां ऑडिट और डेटा स्टोरेज के नियमों का पालन ज्यादा बेहतर तरीके से कर पा रही हैं।
नई टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर का बदलाव
ESDS Software Solutions अपनी AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए Nvidia के B300 और GB300 यूनिट्स पर दांव लगा रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि इन 1,500 यूनिट्स की सोर्सिंग मात्र 100 दिनों में पूरी की जा सकती है।
कंपनी अपने डेटा सेंटर बनाने के तरीके में भी बड़ा बदलाव कर रही है। अब तक डेटा सेंटर ऊंचे वर्टिकल (Vertical) ढांचों में बनते थे, लेकिन AI के हाई-डेंसिटी क्लस्टर्स के लिए कंपनी अब 'हॉरिजॉन्टल' यानी फैक्ट्री-स्टाइल लेआउट पर फोकस कर रही है। इससे एडवांस कूलिंग और भारी-भरकम हार्डवेयर के लिए बेहतर सपोर्ट मिल सकेगा।
भविष्य की चुनौतियां और अवसर
भारत की 48 से 50 गीगावाट की पावर जेनरेशन क्षमता इसे ग्लोबल AI हब बनाने में मददगार साबित हो रही है। हालांकि, हाई-टेक हार्डवेयर के आयात और फॉरेक्स मैनेजमेंट जैसी चुनौतियां बरकरार हैं। निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी का यह भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर आने वाले समय में प्रॉफिट मार्जिन में तब्दील हो पाता है या नहीं।
