ESDS Software Solutions ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब पारंपरिक डेटा सेंटर्स से हटकर AI फैक्ट्री बनाने पर जोर दे रही है, जिसके लिए उन्हें **$1.25 बिलियन** (करीब **₹11,831 करोड़**) का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
ESDS Software Solutions ने अब अपने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस से आगे बढ़कर AI इकोसिस्टम में खुद को स्थापित करने की तैयारी कर ली है। कंपनी अब भारी-भरकम GPU-इंटेंसिव ऑपरेशंस में निवेश कर रही है ताकि बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग को पूरा किया जा सके।
बड़ा कॉन्ट्रैक्ट और विस्तार
इस नई रणनीति की मुख्य कड़ी ऑस्ट्रेलिया की एक नियो-क्लाउड कंपनी के साथ हुआ 5 साल का करार है। $1.25 बिलियन के इस प्रोजेक्ट से कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही से कमाई शुरू होने की उम्मीद है। मैनेजमेंट का मानना है कि भारत में बिजली की अतिरिक्त उपलब्धता का फायदा उठाकर वे इन हाई-परफॉर्मेंस GPU क्लस्टर्स को कम लागत में चला सकेंगे।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी ने हाल ही में अपने दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। ESDS का रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹138.3 करोड़ और नेट प्रॉफिट 41% उछलकर ₹31.1 करोड़ रहा है। उनकी 'SWARAJ Cloud' सर्विस इस ग्रोथ का मुख्य इंजन रही है। सितंबर 2026 में ₹720 करोड़ के IPO के बाद कंपनी अब अपना पूरा फोकस AI-रेडी साइट्स को विकसित करने पर लगा रही है।
रिस्क और निवेशकों के लिए चुनौतियां
बड़ी महत्वाकांक्षा के साथ कंपनी के सामने कुछ रिस्क भी हैं। सबसे बड़ा चैलेंज 8,208 NVIDIA B300 GPUs को सही समय पर लगाना है। अगर हार्डवेयर की डिलीवरी या साइट की तैयारी में देरी होती है, तो इसका असर रेवेन्यू पर पड़ सकता है। इसके अलावा, एक पूर्व कर्मचारी के साथ कानूनी विवाद और ऑस्ट्रेलिया वाले कॉन्ट्रैक्ट के मार्जिन पर स्पष्टता की कमी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी अपने भारी-भरकम खर्च को कैसे मुनाफे में बदलती है।
