EPFO की बड़ी घोषणा: UPI क्लेम सेटलमेंट में देरी, जानिए कब तक कर पाएंगे इस्तेमाल

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
EPFO की बड़ी घोषणा: UPI क्लेम सेटलमेंट में देरी, जानिए कब तक कर पाएंगे इस्तेमाल

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी UPI-आधारित क्लेम सेटलमेंट सुविधा के लॉन्च को अगस्त 2026 तक टाल दिया है। यह फैसला नई CITES 2.01 प्लेटफॉर्म में आ रही तकनीकी दिक्कतों और सदस्यों की शिकायतों के बाद लिया गया है।

Detailed Coverage

EPFO अपने सदस्यों को एक बड़ी राहत देने की तैयारी में था, लेकिन तकनीकी समस्याएं इसके रास्ते में आ गई हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी नई UPI-आधारित क्लेम सेटलमेंट सुविधा को लॉन्च करने की तारीख को आगे बढ़ाकर अगस्त 2026 कर दिया है।

यह सुविधा सदस्यों को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए जल्दी पैसा निकालने का मौका देने वाली थी, लेकिन हाल ही में CITES 2.01 प्लेटफॉर्म पर माइग्रेशन के बाद आ रही तकनीकी दिक्कतों के चलते इसे टालना पड़ा है।

क्या हैं समस्याएँ?

नए सेंट्रलाइज्ड IT सिस्टम के लागू होने के बाद से कई सदस्यों को लॉग इन करने में दिक्कत, वेबसाइट की धीमी गति और खाते के पुराने डेटा के गायब या अधूरे दिखने जैसी परेशानियां आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण क्लेम की प्रोसेसिंग में भी देरी हो रही है। इसी वजह से EPFO ने नई सुविधाओं को लॉन्च करने की बजाय प्लेटफॉर्म को स्थिर करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

कब तक होगा समाधान?

तकनीकी टीमें इन सॉफ्टवेयर त्रुटियों को ठीक करने में जुटी हैं। उम्मीद है कि अगस्त के पहले हफ्ते तक सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो जाएगी। EPFO का कहना है कि एक बार ये तकनीकी अड़चनें दूर हो जाती हैं, तो UPI को एक सेकेंडरी और तेज पेमेंट चैनल के तौर पर इंटीग्रेट किया जाएगा। यह मौजूदा नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) तरीके के साथ काम करेगा, जिससे सदस्यों को फंड निकालने में और आसानी होगी।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का बड़ा कदम

यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट 2025 में श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए बड़े सुधारों का अहम हिस्सा है। इस अपग्रेड पर सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) के साथ मिलकर काम किया जा रहा है, जो EPFO सिस्टम को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा प्रदान किए गए बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने के लिए जरूरी इंटरफेस बना रहा है।

EPFO वर्तमान में लगभग 8 करोड़ सदस्यों की ओर से ₹30 लाख करोड़ से अधिक का फंड मैनेज करता है। इतनी बड़ी राशि के रिटायरमेंट सेविंग्स को देखते हुए, डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता करोड़ों कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो समय पर क्लेम सेटलमेंट पर निर्भर करते हैं। जहाँ UPI सुविधा पैसे निकालने की प्रक्रिया को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखती है, वहीं निकट भविष्य में सदस्यों के लिए अपने खाते के डेटा तक सुचारू पहुंच बहाल करना और लंबित क्लेम का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चिंता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.