दिग्गज आईवियर चेन Hans Anders ने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में Meta के Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस की बिक्री पर रोक लगा दी है। कंपनी को इन स्मार्ट ग्लासेस में प्राइवेसी उल्लंघन और गुप्त रिकॉर्डिंग का डर है, जिसके चलते यह बड़ा फैसला लिया गया है।
विवाद की वजह क्या है?
यह मामला 2 अक्टूबर, 2026 को सामने आया जब डच रिटेल चेन Hans Anders ने Meta Platforms के Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस की बिक्री को तुरंत प्रभाव से बंद करने का ऐलान किया। मुख्य विवाद इस बात पर है कि इन ग्लासेस की रिकॉर्डिंग लाइट को आसानी से ब्लॉक या टैम्पर किया जा सकता है, जिससे लोगों की मर्जी के बिना उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग होने का खतरा बना रहता है। डच कंज्यूमर एसोसिएशन 'Consumentenbond' ने इन ग्लासेस को 'पीपिंग डिवाइस' (peeping devices) करार दिया है और इसे यूरोपीय प्राइवेसी कानूनों का उल्लंघन बताया है।
Meta का पक्ष और नया दांव
हालांकि, Meta ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी हार्डवेयर डिजाइन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। कंपनी का दावा है कि अगर रिकॉर्डिंग लाइट के साथ छेड़छाड़ की जाती है, तो कैमरा ऑटोमैटिक तरीके से काम करना बंद कर देगा। वहीं, निवेशकों और मार्केट पर नज़र रखने वालों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि टेक दिग्गज अब 'सेफ' प्रोडक्ट की ओर बढ़ रहे हैं। सितंबर 2026 में आयोजित 'Connect 2026' कॉन्फ्रेंस में Meta ने कैमरा-फ्री स्मार्ट ग्लासेस भी पेश किए थे, ताकि प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं को कम किया जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम
यद्यपि एक रिटेल चेन द्वारा बिक्री बंद करने का Meta की कुल कमाई पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है, लेकिन यह वियरेबल टेक (wearable tech) सेक्टर के लिए एक चेतावनी है। EssilorLuxottica जैसी मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर कंपनियों को भी अब कड़े रेगुलेटरी नियमों और पब्लिक विरोध के बीच संतुलन बनाना होगा। अगर यह ट्रेंड यूरोप के अन्य देशों में फैला, तो Meta के हार्डवेयर कारोबार की ग्रोथ स्ट्रैटेजी के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
