DoorDash ने ग्रॉसरी डिलीवरी फर्म Instacart के साथ **$17 बिलियन** की डील का ऐलान किया है। कंपनी अब खाने की डिलीवरी से आगे बढ़कर ग्रॉसरी सेगमेंट में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
यह अधिग्रहण डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के बदलते दौर को दर्शाता है, जहां कंपनियां अब केवल रेस्टोरेंट फूड तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। ठीक वैसे ही जैसे भारत में Zomato, Swiggy और Zepto ने क्विक कॉमर्स की तरफ रुख किया है, DoorDash भी नॉन-फूड स्पेंडिंग को कैप्चर करने की रेस में है।
रीस्ट्रक्चरिंग और चुनौतियां
Instacart (Maplebear) ने अधिग्रहण से पहले अपनी Caper Cart स्मार्ट शॉपिंग-कार्ट डिवीजन को 2027 की दूसरी तिमाही तक बंद करने का फैसला लिया है। इससे कंपनी को $55 मिलियन से $80 मिलियन तक का प्री-टैक्स खर्च उठाना पड़ेगा। सबसे बड़ी चुनौती DoorDash के सामने दोनों कंपनियों के लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी को एक साथ लाने (Integration) की है, जिसमें गीग इकॉनमी वर्कर्स के नियमन से जुड़ी मुश्किलें भी शामिल हैं।
मार्केट और फाइनेंशियल हालात
इस साल दोनों कंपनियों का प्रदर्शन बिल्कुल अलग रहा है। Instacart के शेयर 30% की उछाल के साथ $62 के रिकॉर्ड हाई पर हैं, जबकि DoorDash के शेयरों में 25% की गिरावट देखी गई है। निवेशकों को चिंता है कि फ्यूल की बढ़ती कीमतों और ऑपरेशनल खर्चों के बीच यह बड़ा अधिग्रहण मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
