Dixon Technologies ने Vivo के साथ मिलकर स्मार्टफोन बनाने का ज्वाइंट वेंचर शुरू किया, वहीं Vikram Solar ने सोलर सेल सप्लाई का एग्रीमेंट किया। दूसरी ओर, Torrent Pharmaceuticals के शेयर गिरे क्योंकि कंपनी ने कुछ इंजेक्शन पेन को खुद वापस मंगाने का ऐलान किया।
Dixon Technologies का बड़ा कदम: Vivo के साथ ज्वाइंट वेंचर
Dixon Technologies (India) Limited के शेयरों में 1% की तेजी देखी गई। कंपनी ने Vivo Mobile India के साथ एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) का ऐलान किया है। इस साझेदारी में Dixon की 51% हिस्सेदारी होगी, जबकि Vivo के पास 49% हिस्सेदारी रहेगी। इस कदम का मकसद भारत में स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के डोमेस्टिक प्रोडक्शन को बढ़ाना है। यह भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस वेंचर का असली फाइनेंशियल इम्पैक्ट (Financial Impact) प्रोडक्शन शुरू होने और वॉल्यूम पर निर्भर करेगा।
Vikram Solar को मिली बड़ी सप्लाई डील
Vikram Solar Limited के शेयरों में लगभग 3% का उछाल आया। कंपनी ने Evervolt Solar Technology India से 130 MW के मोनो-PERC सोलर सेल खरीदने का एक एग्रीमेंट फाइनल किया है। यह डील कंपनी के सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में एक स्ट्रेटेजिक कदम है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में जहां रॉ-मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, वहां ऐसी लॉन्ग-टर्म सप्लाई डील्स कंपनियों को कॉस्ट कंट्रोल में मदद कर सकती हैं। भविष्य में कंपनी की परफॉर्मेंस इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
Pace Digitek का एनर्जी स्टोरेज में कदम
Pace Digitek Limited के स्टॉक में 2% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी की सब्सिडियरी Lineage Power ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ दो मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) साइन किए हैं। ये एग्रीमेंट्स बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई से जुड़े हैं। यह कंपनी के लिए एनर्जी स्टोरेज मार्केट में एक बड़ा कदम है, जो रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बेहद जरूरी होता जा रहा है। निवेशक इन MoUs के ऑर्डर्स में बदलने और रेवेन्यू पर पड़ने वाले असर पर नजर रखेंगे।
Torrent Pharma का प्रोडक्ट रिकॉल
Torrent Pharmaceuticals Limited के शेयरों में 1% की गिरावट आई। कंपनी ने अपने कुछ इंजेक्शन पेन (Semalix injection disposable pens) के बैचों को वॉलंटरी रिकॉल (Voluntary Recall) करने का फैसला किया है। यह कदम डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy's Laboratories) द्वारा इसी तरह के टेक्निकल इवैल्यूएशन (Technical Evaluation) के बाद उठाया गया है। फार्मा इंडस्ट्री में क्वालिटी कंसर्न (Quality Concern) के चलते वॉलंटरी रिकॉल आम बात है, लेकिन इससे कभी-कभी इन्वेंटरी लॉस (Inventory Loss) या सप्लाई में दिक्कत आ सकती है। निवेशकों को आने वाले क्वार्टर्स में इसके फाइनेंशियल इम्पैक्ट पर नजर रखनी चाहिए।
