Dixon Technologies ने ताइवान की Gemtek Technology के साथ एक जॉइंट वेंचर (JV) की घोषणा की है। इस साझेदारी के जरिए भारत में 'ऑप्टिकल ट्रांससीवर्स' का निर्माण किया जाएगा, जिसमें Dixon की हिस्सेदारी **60%** होगी।
बड़े बदलाव की तैयारी
Dixon Technologies अब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू नेटवर्किंग कंपोनेंट्स के क्षेत्र में कदम रख रही है। इस जॉइंट वेंचर के तहत Dixon अपनी सहायक कंपनी 'Dixon Electroconnect Pvt Ltd' का पुनर्गठन करेगी। इस नई इकाई में Dixon के पास 60% हिस्सेदारी और कंट्रोल रहेगा, जबकि Gemtek की हिस्सेदारी 40% होगी। कंपनी का मुख्य लक्ष्य डेटा सेंटर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए जरूरी 'Small Form-Factor Pluggable (SFP) ऑप्टिकल ट्रांससीवर्स' और 'BOSA' मॉड्यूल्स का घरेलू उत्पादन करना है।
बोर्ड और कंट्रोल
ऑपरेशनल कंट्रोल पूरी तरह से Dixon के हाथों में होगा। 5 सदस्यीय बोर्ड में से 3 डायरेक्टर, जिनमें चेयरमैन भी शामिल हैं, Dixon नियुक्त करेगी। वहीं Gemtek के पास 2 बोर्ड सीट्स होंगी। इस पूरे सेटअप का काम फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
इलेक्ट्रॉनिक्स से निकलकर हाई-प्रिसिजन नेटवर्किंग की ओर बढ़ना एक बड़ा कदम है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि Gemtek से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर कितनी स्मूथली होता है, क्योंकि इसमें थोड़ी भी देरी ऑपरेशनल रिस्क पैदा कर सकती है। साथ ही, कंपनी की नजर भविष्य की PLI स्कीमों पर भी है। प्रोडक्शन शुरू होने का टारगेट फाइनेंशियल ईयर 2027 की चौथी तिमाही रखा गया है। निवेशकों के लिए कंपनी की मार्जिन ग्रोथ और ऑर्डर बुक का अपडेट भविष्य में बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
