दिसंबर के मध्य से Discord अपने 'डिस्कवरेबल सर्वर्स' की पब्लिक बातचीत को सर्च इंजन रिजल्ट्स में दिखाना शुरू करेगा। इस बदलाव का मकसद जानकारी का हब बनाना है, लेकिन डेटा प्राइवेसी और AI ट्रेनिंग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सर्च इंजन पर मौजूदगी की तैयारी
दिसंबर के मध्य से, Discord प्लेटफॉर्म के करीब 63,000 'डिस्कवरेबल सर्वर्स' की बातचीत अब बाहरी सर्च इंजनों पर दिखाई देगी। कंपनी का मानना है कि इससे कम्युनिटीज़ एक रिसोर्स हब के रूप में उभरेंगी। इसके लिए प्लेटफॉर्म डिस्कशन का ऑटोमेटेड समरी पेज भी तैयार करेगा, जो इसे Reddit जैसे फोरम के करीब ले आएगा।
प्राइवेसी और गवर्नेंस के नियम
इस बदलाव के दायरे में प्राइवेट सर्वर, डायरेक्ट मैसेज (DM) या ग्रुप चैट्स नहीं आएंगे। Discord ने एडमिन्स को यह पावर दी है कि वे तय कर सकें कि कौन सा चैनल इंडेक्स होगा। साथ ही, यूजर्स के पास भी ऑप्ट-आउट करने का विकल्प होगा। यूरोपीय संघ (EU), यूके, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा। टीनेजर्स के अकाउंट्स को भी इस प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
AI ट्रेनिंग पर विवाद
इस फैसले के बाद यूजर्स के बीच भारी चिंता है कि कहीं उनके डेटा का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल की ट्रेनिंग के लिए तो नहीं किया जाएगा। हाल ही में Reddit पर भी इसी तरह का विवाद देखा गया था। टेक सेक्टर में अब डेटा सॉवरेन्टी और यूजर्स की सहमति एक बड़ा मुद्दा बन गई है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या इस बदलाव से प्लेटफॉर्म पर यूजर एक्टिविटी में कमी आती है या नहीं। आने वाले समय में ग्लोबल रेगुलेटर्स का रुख क्या रहता है, यह कंपनी के लिए बड़े रिस्क और पॉलिसी बदलाव का कारण बन सकता है। कंपनी की साख और यूजर ट्रस्ट ही इस नई पहल की सफलता तय करेगी।
