Digital Green India के AI-पावर्ड FarmerChat ऐप ने 10 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है। यह ऐप किसानों को सिर्फ ₹33 सालाना में स्थानीय खेती की सलाह देता है। कंपनी 2028 तक 35 लाख और किसानों तक पहुंचने की योजना बना रही है।
FarmerChat 2.0: कम कनेक्टिविटी में भी खेती की सलाह
Digital Green India ने अपने AI-आधारित कृषि सलाह मंच, FarmerChat के साथ एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जो 10 लाख उपयोगकर्ताओं से आगे निकल गया है। कंपनी ने हाल ही में FarmerChat 2.0 का नया वर्जन लॉन्च किया है। यह ऐप उन किसानों के लिए भी विशेष कृषि मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनके पास खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्र हैं।
ऐप की खूबियां और पहुंच
यह ऐप फसल प्रबंधन, कीट नियंत्रण, रोग की रोकथाम और पशुधन स्वास्थ्य जैसे विषयों पर hyperlocal सलाह देता है। 2.0 अपग्रेड की एक खास बात यह है कि यह वॉयस, टेक्स्ट और इमेज-आधारित सवालों का समर्थन करता है। खास तौर पर इमेज-आधारित समस्या निदान (Image-based problem diagnosis) को बहुत प्रभावी पाया गया है, क्योंकि यह किसानों को अपनी फसलों की समस्याओं को देखकर पहचानने में मदद करता है और सुझाए गए समाधानों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस प्लेटफॉर्म को अलग-अलग साक्षरता स्तर वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ बनाया गया है और यह पांच भाषाओं में काम करता है।
बिजनेस मॉडल और यूजर डेमोग्राफिक्स
यह सेवा एक किफायती सब्सक्रिप्शन मॉडल पर चलती है, जिसकी कीमत प्रति किसान सालाना ₹33 है। इस कम लागत का उद्देश्य ग्रामीण कृषि बाजारों में गहरी पैठ बनाना है। लॉन्च के बाद से प्लेटफॉर्म 30 लाख से अधिक सवाल-जवाब (queries) प्रोसेस कर चुका है। यूजर बेस की एक महत्वपूर्ण विशेषता लिंग संरचना है, जिसमें 45% पंजीकृत किसान महिलाएं हैं। यह महिला कृषि श्रमिकों के बीच उच्च स्तर की भागीदारी को दर्शाता है, जिसे कंपनी अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति के हिस्से के रूप में बनाए रखना चाहती है।
विस्तार की योजनाएं
Digital Green India का लक्ष्य 2028 तक अपने यूजर बेस में अतिरिक्त 35 लाख किसानों को जोड़ना है। इस विकास को समर्थन देने के लिए, कंपनी एक व्यापक 'Agricultural AI Harness' विकसित कर रही है। इस पहल का उद्देश्य कई कृषि सेवाओं को एक ही इकोसिस्टम में एकीकृत करना है, जिसमें रियल-टाइम मौसम डेटा, बाजार मूल्य की जानकारी और सरकारी योजनाओं पर अपडेट शामिल हैं। इन सेवाओं को जोड़कर, प्लेटफॉर्म एक व्यापक टूल प्रदान करने का लक्ष्य रखता है जो प्रत्येक व्यक्तिगत किसान के विशिष्ट संदर्भ को समझता है।
आगे बढ़ते हुए, कंपनी के लिए मुख्य ध्यान देने योग्य बातें इसकी स्केलिंग के साथ-साथ उच्च यूजर एंगेजमेंट बनाए रखने की क्षमता, उन्नत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधन की लागत और नियोजित इकोसिस्टम सेवाओं का सफल एकीकरण होंगी। कृषि-तकनीक क्षेत्र पर नजर रखने वाले निवेशक इस बात पर भी गौर करेंगे कि कंपनी किफायती मूल्य निर्धारण और विभिन्न ग्रामीण भौगोलिक क्षेत्रों में इस तरह की तकनीक को स्केल करने के लिए आवश्यक उच्च पूंजीगत व्यय के बीच संतुलन कैसे बनाती है।
