शेन्ज़ेन स्थित रोबोटिक्स स्टार्टअप DexForce अब वर्चुअल सिमुलेशन के जरिए ह्यूमनॉइड रोबोट्स को ट्रेनिंग दे रहा है। **10 बिलियन युआन** से ज्यादा की वैल्यूएशन वाली इस कंपनी ने Toyota और Samsung जैसे दिग्गजों को अपना क्लाइंट बनाया है और अब कंपनी हांगकांग में IPO लाने पर विचार कर रही है।
वर्चुअल ट्रेनिंग का नया दौर
रोबोटिक्स इंडस्ट्री में अब तक डेटा जुटाने के लिए इंसानों के काम करने के तरीके को रिकॉर्ड किया जाता था, जो बेहद धीमा और महंगा प्रोसेस है। लेकिन DexForce ने इस तरीके को बदलकर 'सिंथेटिक डेटा' (Synthetic Data) का इस्तेमाल शुरू किया है। कंपनी वर्चुअल वातावरण में रोबोट्स को ट्रेनिंग देती है, जिससे वे अलग-अलग रोशनी, ऑब्जेक्ट शेप और जटिल परिस्थितियों में बहुत कम समय में सीखने में सक्षम हो जाते हैं।
बड़े औद्योगिक घरानों का भरोसा
इस टेक्नोलॉजी की मदद से रोबोट्स को फैक्ट्री असेंबली लाइन पर इंसानों की तरह फ्लेक्सिबल बनाने का लक्ष्य है। DexForce के सॉफ्टवेयर पर पहले से ही Toyota, Samsung, Panasonic, Foxconn, Haier और Hisense जैसी दिग्गज कंपनियां भरोसा जता चुकी हैं।
वैल्यूएशन और IPO की योजना
साल 2021 में शुरू हुई यह कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। हाल ही में सीरीज B फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 10 बिलियन युआन के पार निकल गई है। Lenovo Capital और Lens Technology जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन इस स्टार्टअप को और मजबूती देता है। अब खबर है कि कंपनी अपनी ग्रोथ के अगले चरण के लिए हांगकांग में IPO के जरिए फंड जुटाने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए चुनौती
हालांकि कंपनी की तकनीक शानदार है, लेकिन निवेशकों को 'रियलिटी गैप' (Reality Gap) पर नजर रखनी चाहिए। वर्चुअल दुनिया में जो रोबोट्स परफेक्ट ट्रेनिंग लेते हैं, उन्हें असली फैक्ट्री फ्लोर पर वैसी ही सटीकता और सुरक्षा के साथ काम करना होगा। कंपनी की सफलता इसी बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने सॉफ्टवेयर को असल दुनिया की चुनौतियों में कितनी अच्छी तरह स्केल कर पाती है।
