Delta Electronics India ने तमिलनाडु के कृष्णागिरी प्लांट में VIVOTEK स्मार्ट सर्विलांस कैमरों की असेंबली शुरू कर दी है। इस कदम से कंपनी अब सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने के योग्य हो गई है, जो पहले आयातित सामानों पर पाबंदियों के कारण संभव नहीं था।
सरकारी टेंडर्स की बड़ी बाधा दूर
कंपनी का यह रणनीतिक फैसला मुख्य रूप से सरकारी प्रोजेक्ट्स में एंट्री के लिए लिया गया है। भारत सरकार ने पिछले कुछ समय में स्मार्ट सिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर की खरीद को लेकर नियम काफी सख्त कर दिए हैं। अब तक आयातित सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर कई तरह की पाबंदियां थीं, लेकिन लोकल मैन्युफैक्चरिंग से Delta Electronics इन बाधाओं को पार कर अब बड़े सरकारी टेंडर्स के लिए दावेदारी पेश कर सकेगी।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग का दायरा बढ़ा
Delta Electronics पहले से ही पावर मैनेजमेंट, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और EV सॉल्यूशंस के क्षेत्र में भारत में बड़ी पहचान रखती है। अब सर्विलांस हार्डवेयर के लोकल असेंबली में आने से कंपनी को सप्लाई चेन में भी मजबूती मिलेगी। इससे स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता आसान होगी और क्लाइंट्स को सर्विस सपोर्ट भी तेजी से मिल सकेगा।
बाजार की चुनौती और आगे की राह
हालांकि, कंपनी का यह कदम सकारात्मक है, लेकिन स्मार्ट सर्विलांस के बाजार में काफी कॉम्पिटिशन है। यहां कई लोकल और मल्टीनेशनल कंपनियां एक ही सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए दौड़ लगा रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली के बिजनेस में मार्जिन अक्सर काफी कम होता है, इसलिए आने वाले समय में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी कितनी कुशलता से बड़े सरकारी ऑर्डर हासिल करती है और क्या यह नई यूनिट उनकी फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को रफ्तार दे पाती है या नहीं।
