Delhi IT Policy: आईटी हब बनने की राह पर दिल्ली, 2031 तक 200 GCC खोलने का लक्ष्य

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AuthorNeha Patil|Published at:
Delhi IT Policy: आईटी हब बनने की राह पर दिल्ली, 2031 तक 200 GCC खोलने का लक्ष्य

दिल्ली सरकार की नई ड्राफ्ट आईटी पॉलिसी का लक्ष्य 2031 तक **200** ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) स्थापित करना है। इस योजना के तहत कंपनियों को बिजली सब्सिडी और एम्प्लॉयमेंट इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है, ताकि दिल्ली को बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों के सामने एक बड़े टेक हब के रूप में खड़ा किया जा सके।

दिल्ली का मास्टर प्लान

दिल्ली सरकार ने 2026-2031 के लिए ड्राफ्ट आईटी पॉलिसी पेश की है। इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी को टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट का बड़ा केंद्र बनाना है। इसके लिए दक्षिण दिल्ली, द्वारका और पूर्वी दिल्ली में 'इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डिस्ट्रिक्ट्स' बनाए जाएंगे, जहाँ स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों के लिए खास इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा।

कंपनियों के लिए क्या हैं फायदे?

  • बिजली और इंटरनेट: पात्र आईटी कंपनियों को इलेक्ट्रिसिटी टैरिफ पर 10% की छूट और ₹5 लाख तक का इंटरनेट खर्च रिम्बर्समेंट मिलेगा।
  • रोजगार सब्सिडी: 500 से ज्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी ₹25,000 की एनुअल सब्सिडी दी जाएगी।
  • समावेशी पहल: महिलाओं और दिव्यांग कर्मचारियों को रखने पर कंपनियों को 5 साल तक हर महीने ₹5,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

चुनौतियां और भविष्य की राह

दिल्ली की यह कवायद बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों से मुकाबला करने की है। सरकार ने 'myDelhi' पोर्टल और 2027 तक डेडिकेटेड स्टेट डेटा सेंटर बनाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रियल एस्टेट की महंगी कीमतों और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है। 30 दिन के भीतर सिंगल-विंडो क्लीयरेंस का वादा इस पॉलिसी की सफलता की असली परीक्षा होगी।

इसके अलावा, सरकार का लक्ष्य 2031 तक 5 लाख से 6 लाख युवाओं को एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स जैसे स्किल्स में ट्रेन करना है और वर्कफोर्स में 40% महिला भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.