Databricks ने भारत में **100%** की सालाना ग्रोथ दर्ज की है, जो कंपनी की **80%** की ग्लोबल विस्तार दर से भी ज्यादा है। यह संकेत है कि भारतीय कंपनियां अब डेटा और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही हैं।
भारत बन रहा है AI का हब
डेटा और AI प्लेटफॉर्म कंपनी Databricks के लिए भारत एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार बनकर उभरा है। कंपनी का ग्लोबल रेवेन्यू रन रेट $7 बिलियन के पार पहुंच चुका है और भारतीय बाजार में 100% की सालाना ग्रोथ इसकी अहमियत को साबित करती है। हालांकि कंपनी प्राइवेट है और निवेशक सीधे इसके शेयर नहीं खरीद सकते, लेकिन इसकी यह ग्रोथ भारतीय कॉरपोरेट्स के बढ़ते डिजिटल खर्च को दर्शाती है।
भारतीय IT कंपनियों के लिए क्या हैं संकेत?
यह तेजी भारतीय IT दिग्गज कंपनियों जैसे Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Wipro और HCLTech के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। ये कंपनियां अक्सर Databricks जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर के रूप में काम करती हैं। जैसे-जैसे भारतीय फर्म्स पायलट प्रोजेक्ट्स से बड़े पैमाने पर AI डिप्लॉयमेंट की ओर बढ़ रही हैं, इन IT सर्विसेज फर्मों को इंटीग्रेटेड और स्केलिंग के बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
कड़ी चुनौती और बाजार का माहौल
बाजार में मुकाबला काफी कड़ा है। Databricks को Microsoft Azure, Google Cloud और Amazon Web Services (AWS) जैसे दिग्गजों के अलावा Snowflake जैसी लिस्टेड कंपनियों से बजट के लिए टक्कर लेनी पड़ रही है। भारतीय ग्राहक भी अब अपने AI बजट को लेकर काफी सतर्क हैं और लागत पर खासा ध्यान दे रहे हैं।
विस्तार की तैयारी
अपनी इस ग्रोथ को मजबूती देने के लिए कंपनी ने भारत में अपनी वर्कफोर्स बढ़ाकर 1,000 कर्मचारियों के करीब कर ली है। बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली में कंपनी अपने ऑपरेशनल हब को और मजबूत कर रही है। निवेशकों के लिए यह सेक्टर पर नजर रखने का एक अहम जरिया है, जो यह बताता है कि आने वाले समय में कॉर्पोरेट IT खर्च की दिशा क्या रहने वाली है।
