CtrlS Datacenters ने भारत में अपनी डिजिटल क्षमता को बढ़ाने के लिए Ciena के साथ हाथ मिलाया है। कंपनी अब **9** सेंटर्स को आपस में जोड़ने के लिए **5** नए **100 Tbps** वाले मेट्रो फाइबर नेटवर्क तैयार कर रही है, ताकि AI और क्लाउड की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का नया युग
CtrlS Datacenters अब एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अमेरिका की नेटवर्किंग दिग्गज Ciena के साथ करार किया है ताकि हाई-कैपेसिटी ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क तैयार किए जा सकें। यह प्रोजेक्ट 100 Terabits per second (Tbps) की क्षमता वाले 5 मेट्रो नेटवर्क पर आधारित है, जो चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, नई दिल्ली और नोएडा में स्थित कंपनी के 9 डेटा सेंटर्स को आपस में जोड़ेगा।
क्लाउड जायंट्स के लिए खास तैयारी
यह पूरा डिप्लॉयमेंट 'Managed Optical Fibre Network' (MOFN) मॉडल पर काम करेगा। इसे खास तौर पर एक अनडिस्क्लोज़्ड 'हाइपरस्केलर' (बड़ी क्लाउड कंपनी) की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। AI वर्कलोड और बढ़ते क्लाउड कंजम्पशन के कारण अब लो-लेटेंसी (low-latency) डेटा सेंटर इंटरकनेक्ट की मांग बढ़ गई है।
इस प्रोजेक्ट में Ciena के 'Waveserver' प्लेटफॉर्म और 'WaveLogic 5 Extreme' ऑप्टिकल इंजन का इस्तेमाल हो रहा है, जो सिंगल वेवलेंथ पर 800 Gigabits per second तक की स्पीड देने में सक्षम है।
आक्रामक विस्तार और भविष्य की राह
CtrlS के पास वर्तमान में 19 डेटा सेंटर्स हैं जिनकी कुल क्षमता 370 Megawatts (MW) है। कंपनी की योजना बहुत बड़ी है—फिलहाल 4.4 Gigawatts (GW) की पाइपलाइन पर काम चल रहा है, जो इसके भविष्य के बड़े लक्ष्यों को दर्शाता है।
हालांकि, इतनी बड़ी पूंजी के निवेश और तेजी से हो रहे विस्तार के साथ रिस्क भी जुड़े हैं। अगर प्रोजेक्ट्स में देरी होती है या कैपेसिटी का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता, तो कंपनी के फाइनेंशियल लचीलेपन पर असर पड़ सकता है। भारत के बाहर भी कंपनी अब मिडिल ईस्ट और साउथ-ईस्ट एशिया, खास तौर पर थाईलैंड में अपने पैर पसारने की तैयारी में है।
