CtrlS Datacenters ने पटना में **₹400 करोड़** का डेटा सेंटर शुरू किया है। इसके साथ ही कंपनी ने बोधगया में **₹10,000 करोड़** की लागत से AI फैक्ट्री लगाने का बड़ा करार किया है, जिसका लक्ष्य साल **2030** तक अपनी क्षमता को कई गुना बढ़ाना है।
बिहार में डिजिटल क्रांति की तैयारी
CtrlS Datacenters ने पूर्वी भारत में अपने पैर पसारते हुए पटना के पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया में ₹400 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन किया है। 12 MW की क्षमता वाला यह सेंटर अब लोकल बिजनेस और सरकारी संस्थाओं को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुविधाएं मुहैया कराएगा।
बोधगया में मेगा प्रोजेक्ट
कंपनी ने बिहार सरकार के साथ एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) साइन किया है। इसके तहत बोधगया में ₹10,000 करोड़ की लागत से एक विशाल AI फैक्ट्री बनाई जाएगी, जिसकी कुल क्षमता 150 MW होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट बिहार को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
फंडिंग और चुनौतियां
कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 4.4 GW की कैपेसिटी हासिल करना है। इस भारी भरकम विस्तार के लिए कंपनी ने CPP Investments से ₹7,000 करोड़ और निखिल कामथ तथा श्रीराम रेड्डी वंगा जैसे दिग्गज निवेशकों से ₹250 करोड़ जुटाए हैं।
हालांकि, यह राह आसान नहीं है। डेटा सेंटर का बिजनेस बहुत ज्यादा पूंजी मांगता है (Capital Intensive), जिससे कंपनी पर कर्ज का दबाव बढ़ सकता है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां पहले ही चेतावनी दे चुकी हैं कि भारी खर्च के कारण शॉर्ट टर्म में डेट-टू-प्रॉफिट रेशियो ऊंचा रह सकता है। इसके अलावा, बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता और प्रोजेक्ट्स में देरी का रिस्क भी बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कंपनी बोधगया के इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कर पाती है या नहीं।
