CoreWeave और AdaniConneX ने नवी मुंबई में **240-मेगावाट** के AI डेटा सेंटर के लिए हाथ मिलाया है। हालांकि यह भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ी खबर है, लेकिन निवेशकों की नजरें CoreWeave के भारी कर्ज और लंबी समय-सीमा पर टिकी हैं।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर की दिग्गज कंपनी CoreWeave ने भारत में कदम रखने के लिए AdaniConneX के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। नवी मुंबई के तलोजा कैंपस में बनने वाला यह 240-मेगावाट का डेटा सेंटर भारत में AI कंप्यूटिंग की क्षमता को नई ऊंचाई देने की कोशिश है। इसके लिए कंपनी अपना स्थानीय ऑफिस भी खोलेगी।
नई टेक्नोलॉजी और क्षमता
इस डेटा सेंटर में Nvidia की अपकमिंग Vera Rubin चिप्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जो जटिल AI ट्रेनिंग और मॉडल रीजनिंग के लिए तैयार की गई हैं। यह प्रोजेक्ट तीन 80-मेगावाट की इमारतों से बना होगा। मौजूदा समझौते के तहत CoreWeave के पास इसकी कुल क्षमता को बढ़ाकर 480-मेगावाट तक ले जाने का विकल्प भी है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट 2028 के मध्य तक शुरू हो जाएगा।
कर्ज का दबाव और फाइनेंशियल रिस्क
निवेशकों के लिए यह विस्तार एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है। CoreWeave तेजी से अपना नेटवर्क फैला रही है, लेकिन इसके ऊपर $35 बिलियन के आसपास भारी कर्ज है। चूंकि कंपनी अभी प्रॉफिटेबल नहीं है, इसलिए इसे ग्रोथ के लिए बाहरी पूंजी पर निर्भर रहना पड़ता है।
इसका सीधा असर ब्याज दरों पर पड़ता है। कंपनी का एक बड़ा कर्ज 2026 से 2028 के बीच मैच्योर होने वाला है। ऐसी स्थिति में बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि क्या कंपनी समय पर री-फाइनेंसिंग कर पाएगी।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
यह प्रोजेक्ट Adani Enterprises और EdgeConneX के 50:50 जॉइंट वेंचर यानी AdaniConneX की मदद से पूरा किया जा रहा है। हालांकि यह भारत को एक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन 2028 तक की लंबी अवधि में निर्माण चुनौतियों, पावर सोर्सिंग और रेगुलेटरी मंजूरियों को पार करना कंपनी के लिए असली परीक्षा होगी।
