CoreWeave पर मंडरा रहे **$50 अरब** के कर्ज के साये ने बाजार में हलचल मचा दी है। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने डिफॉल्ट का डर बढ़ा दिया है, जिसका असर सेमीकंडक्टर और AI कंपनियों के शेयरों पर साफ दिख रहा है।
ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स की नजरें इस समय 'नेओ-क्लाउड' प्रोवाइडर CoreWeave पर टिकी हैं। कंपनी पर $50 अरब के कर्ज का बोझ होने की खबरों के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। Nvidia जैसी दिग्गजों का समर्थन होने के बावजूद, कंपनी का भारी-भरकम कर्ज मॉडल अब सवालों के घेरे में है।
कर्ज बाजार में खतरे की घंटी
बॉन्ड मार्केट में स्थिति काफी तनावपूर्ण है। CoreWeave के 2031 के नोट्स की यील्ड 16% के पार चली गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि निवेशक कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता पर भरोसा खो रहे हैं। इतना ही नहीं, कंपनी के डिफॉल्ट होने के जोखिम को कवर करने वाली इंश्योरेंस लागत यानी 'क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप' में 1,000 बेसिस पॉइंट्स का उछाल आया है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर पर मार
इस संकट का सीधा असर सेमीकंडक्टर स्टॉक्स पर पड़ा है। 'फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स' ने पिछले 6 दिनों में $1.6 ट्रिलियन से ज्यादा की वैल्यू गंवा दी है। डर यह है कि अगर CoreWeave जैसी कंपनियां महंगे AI चिप्स खरीदना बंद कर देंगी, तो चिप मैन्युफैक्चरर्स की डिमांड पर बड़ा असर पड़ेगा। इस गिरावट की चपेट में Applied Digital और Iren जैसी अन्य कंपनियां भी आ गई हैं।
Capex का बड़ा चैलेंज
निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल 'कैपेक्स' (Capex) और रेवेन्यू के बीच के गैप का है। ये कंपनियां अरबों डॉलर खर्च करके डेटा सेंटर खड़ा कर रही हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि क्या भविष्य में AI की मांग इस भारी-भरकम खर्च को कवर कर पाएगी। Gartner की रिपोर्ट्स भी इशारा कर रही हैं कि अगर एंटरप्राइज AI रेवेन्यू तेजी से नहीं बढ़ा, तो 2030 तक इनमें से कई कंपनियों का अस्तित्व बचाना मुश्किल हो सकता है।
