Cognizant ने 'OpenAI Frontier Capability Group' का गठन किया है, जिसमें **25,000** प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स को शामिल किया गया है। इसका लक्ष्य जेनरेटिव AI सेवाओं को बड़े पैमाने पर लागू करना और पुराने मेनफ्रेम सिस्टम्स को मॉडर्न बनाना है।
बड़े पैमाने पर AI का विस्तार
Cognizant Technology Solutions अब छोटे पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर सीधे बड़े स्तर पर काम करने की तैयारी में है। इस नई यूनिट के जरिए कंपनी 25,000 कर्मचारियों को विशेष रूप से ChatGPT और Codex जैसी OpenAI तकनीकों में ट्रेन कर रही है, ताकि इसे क्लाइंट्स के मुख्य बिजनेस ऑपरेशंस में इंटीग्रेट किया जा सके।
लेगेसी सिस्टम्स के आधुनिकीकरण पर जोर
कंपनी का मुख्य ध्यान पुराने मेनफ्रेम आर्किटेक्चर को मॉडर्न बनाने पर है, जो ग्लोबल कंपनियों के लिए काफी खर्चीला और जटिल होता है। कंपनी अपने 'Cognizant Application Modernizer' टूल के जरिए पुराने कोड को ऑटोमेट कर क्लाउड-नेटिव एनवायरनमेंट में बदलने की प्रक्रिया को तेज करेगी। इससे न केवल प्रोजेक्ट डिलीवरी में तेजी आएगी, बल्कि क्लाइंट्स की मेंटेनेंस लागत भी कम होगी।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और मौके
यह कदम कंपनी की प्रतिबद्धता दिखाता है, लेकिन 25,000 कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर आया भारी खर्च अल्पकालिक रूप से मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी इस निवेश को कैसे बड़े और महंगे कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलती है। अगर AI-आधारित समाधान क्लाइंट्स के लिए लागत में बड़ी बचत साबित होते हैं, तो यह मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
आने वाले क्वार्टरली नतीजों में निवेशकों को AI-आधारित सेवाओं से मिलने वाले रेवेन्यू और क्लाइंट्स द्वारा अपनाए जा रहे मॉडर्नाइजेशन टूल्स के डेटा पर नजर रखनी चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह पहल Cognizant को अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़ा कर पाती है या नहीं।
