Cognizant ने 'Cognizant Activate' नाम से एक नया बिजनेस यूनिट शुरू किया है, जो **$1 बिलियन** से **$5 बिलियन** सालाना रेवेन्यू वाली उभरती कंपनियों पर फोकस करेगा।
नई रणनीति और क्लाइंट सेगमेंट
IT दिग्गज Cognizant Technology Solutions ने अब अपना दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। 'Cognizant Activate' यूनिट का मुख्य उद्देश्य उन मध्यम स्तर की कंपनियों को टारगेट करना है, जिन्हें बड़े एंटरप्राइज लेवल की AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और मैनेज्ड सर्विसेज की जरूरत तो है, लेकिन वे बहुत जटिल और लंबी परियोजनाओं से बचना चाहती हैं। अब तक कंपनी का मुख्य फोकस बड़ी ग्लोबल कॉर्पोरेट कंपनियों पर रहा है, लेकिन यह नया कदम कंपनी के पोर्टफोलियो में विविधता लाने की कोशिश है।
कैसे काम करेगा यह नया मॉडल?
मिड-मार्केट की ये कंपनियां तेजी से बढ़ रही हैं और उन्हें ऐसे समाधान चाहिए जो तुरंत लागू किए जा सकें। Cognizant इस समस्या को 'प्री-कॉन्फ़िगर सॉल्यूशन किट्स' के जरिए हल कर रहा है। शुरुआत में, कंपनी का फोकस 4 मुख्य सेक्टरों पर होगा: फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल। यहाँ कंपनी अपनी 'AI Builder' टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी ताकि इन कंपनियों की बढ़ती जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सके।
'Project LEAP' और भविष्य की चुनौतियां
यह विस्तार कंपनी के इंटरनल रिस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम 'Project LEAP' का हिस्सा है, जो ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने और पारंपरिक IT सर्विसेज से हटकर AI-आधारित ऑटोमेशन पर फोकस करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, मौजूदा IT सेक्टर में क्लाइंट्स के खर्च को लेकर सावधानी बरती जा रही है, जिससे इस नए यूनिट की सफलता पर नजर रखना जरूरी है।
इन्वेस्टर्स के लिए अब 29 अक्टूबर, 2026 की डेट काफी अहम है। कंपनी अपनी अगली अर्निंग्स कॉल में यह स्पष्ट करेगी कि 'Cognizant Activate' का रेवेन्यू टारगेट्स और कंपनी के ओवरऑल मुनाफे पर क्या असर पड़ रहा है।
