IT कंपनी Cognizant ने तीसरी तिमाही में **4.8%** रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन कंपनी ने अपने पूरे साल के रेवेन्यू टारगेट को घटाकर **4-4.4%** कर दिया है।
मुनाफे में उछाल, लेकिन मार्जिन पर दबाव
सितंबर में खत्म हुई तिमाही के दौरान Cognizant का रेवेन्यू $5.7 बिलियन रहा, जो 4.8% की ग्रोथ दिखाता है। नेट प्रॉफिट की बात करें तो यह बढ़कर $627 मिलियन हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा $274 मिलियन था। यह बड़ा अंतर मुख्य रूप से कम टैक्स खर्चों के कारण है। हालांकि, निवेशकों की चिंता ऑपरेटिंग मार्जिन को लेकर बनी हुई है, जो 60 बेसिस पॉइंट्स घटकर 15.4% रह गया है।
सेगमेंट के अनुसार परफॉर्मेंस
कंपनी के विभिन्न बिजनेस यूनिट्स में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला है। फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट में 12.3% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जबकि कम्युनिकेशंस, मीडिया और टेक्नोलॉजी ग्रुप में 0.9% की गिरावट आई। इसके अलावा, हेल्थकेयर और प्रोडक्ट्स सेगमेंट में भी मामूली सुस्ती देखी गई है।
हायरिंग और प्रोजेक्ट लीप
Cognizant अपने 'प्रोजेक्ट लीप' (Project Leap) रिस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम के तहत खर्च कम कर रही है। अब इस पर होने वाला अनुमानित खर्च घटाकर $180 मिलियन से $250 मिलियन के बीच रखा गया है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने इस तिमाही में 3,200 नए कर्मचारी जोड़े हैं, जिससे कुल हेडकाउंट 359,900 हो गया है। यह आंकड़ा Infosys और Wipro जैसी कंपनियों की तुलना में काफी अलग है, जो आजकल हायरिंग को लेकर काफी सतर्क रुख अपना रही हैं।
बुकिंग्स से उम्मीदें
भविष्य की बात करें तो कंपनी की ऑर्डर बुकिंग्स राहत देने वाली हैं। कंपनी का बुक-टू-बिल रेशियो 1.3x रहा है, और पिछले 12 महीनों में कुल बुकिंग्स $28.7 बिलियन तक पहुंच गई हैं, जो सालाना आधार पर 4% की तेजी दर्शाती है।
