Coforge Share Price: 21% रेवेन्यू ग्रोथ पर शेयर 10% चढ़ा, Mphasis के क्लाइंट AI खर्च पर कर रहे कटौती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Coforge Share Price: 21% रेवेन्यू ग्रोथ पर शेयर 10% चढ़ा, Mphasis के क्लाइंट AI खर्च पर कर रहे कटौती

भारतीय IT सेक्टर में जून तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। Coforge ने रेवेन्यू में **21%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, जिससे कंपनी के शेयर **10%** तक चढ़ गए। वहीं, Mphasis की ग्रोथ सिर्फ **1.8%** रही और मैनेजमेंट ने AI पर क्लाइंट्स के खर्च करने में हिचकिचाहट का ज़िक्र किया। दोनों IT कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन में **60 बेसिस पॉइंट** की गिरावट आई।

Detailed Coverage

Coforge की तूफानी रफ्तार, Mphasis की धीमी चाल

जून 2026 तिमाही में भारतीय IT सर्विस सेक्टर में प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। Coforge Ltd ने 21% के शानदार सीक्वेंशियल रेवेन्यू ग्रोथ के साथ $592.2 मिलियन का आंकड़ा छुआ। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय कंपनी के हेल्थकेयर और हाई-टेक बिजनेस सेगमेंट को जाता है। दूसरी ओर, भारत की आठवीं सबसे बड़ी IT फर्म Mphasis ने इसी अवधि में 1.8% की मामूली सीक्वेंशियल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो $471.1 मिलियन रही।

निवेशकों की प्रतिक्रिया और भविष्य की राह

Coforge की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को निवेशकों का भरपूर समर्थन मिला, जिसके चलते नतीजों के ऐलान के बाद इसके शेयर 10% तक उछल गए। इसके विपरीत, Mphasis के मैनेजमेंट की ओर से AI पर खर्च को लेकर जताई गई सतर्कता के चलते शुरुआती कारोबार में इसके शेयर 0.3% गिर गए। Coforge के मैनेजमेंट का फाइनेंशियल ईयर 2027 को लेकर भरोसा कायम है और वे इंडस्ट्री-लीडिंग ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, Mphasis ने पूरे साल के लिए हाई-सिंगल-डिजिट से लो-डबल-डिजिट ग्रोथ का रूढ़िवादी अनुमान बनाए रखा है। यह अंतर दोनों कंपनियों द्वारा मौजूदा मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल और क्लाइंट की खर्च करने की पैटर्न को संभालने के तरीके में साफ झलकता है।

मुनाफे में गिरावट और मार्जिन पर दबाव

हालांकि, दोनों कंपनियों को इस तिमाही में नेट प्रॉफिट में सीक्वेंशियल गिरावट का सामना करना पड़ा। Coforge का नेट प्रॉफिट 15% घटकर ₹519 करोड़ रहा, जबकि Mphasis ने 4% की गिरावट के साथ ₹490 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। दोनों फर्मों के ऑपरेटिंग मार्जिन में सीक्वेंशियली 60 बेसिस पॉइंट की कमी आई। Coforge ने 16% का मार्जिन रिपोर्ट किया, जबकि Mphasis का मार्जिन 14.8% रहा। कंपनियों ने इस मार्जिन प्रेशर का श्रेय हालिया एक्विजिशन (Acquisition) से जुड़ी लागतों और नए बिजनेस डील्स को बढ़ाने को दिया है। यह भी बता दें कि Coforge ने हाल ही में Encora का अधिग्रहण पूरा किया है, जिसके लिए कंपनी ने $550 मिलियन का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) किया था।

AI पर क्लाइंट्स का बदलता नज़रिया

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है, लेकिन क्लाइंट्स से जुड़ने के उनके तरीके काफी अलग हैं। Coforge, AI इंफ्रास्ट्रक्चर के मेंटेनेंस और गवर्नेंस से लाभ उठाने की पोजिशन में है, जिसे वे एंटरप्राइजेज के लिए जरूरी सर्विस मानते हैं। इसके उलट, Mphasis ने अपने क्लाइंट्स के बीच AI प्रोजेक्ट्स पर असल फाइनेंशियल रिटर्न को लेकर बढ़ती शंका देखी है। Mphasis के मैनेजमेंट का कहना है कि एंटरप्राइज कस्टमर्स अब नए AI इनिशिएटिव्स में और अधिक निवेश करने से पहले स्पष्ट जवाबदेही और मापे जा सकने वाले नतीजों की मांग कर रहे हैं। साधारण प्रयोग से हटकर ठोस व्यावसायिक परिणामों पर ध्यान केंद्रित करने का यह बदलाव IT सेवाओं की वर्तमान मांग को आकार दे रहा है, जिससे क्लाइंट बजट आवंटन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर बन गया है। इन कंपनियों की AI क्षमताओं और निवेश पर स्पष्ट रिटर्न के बीच की खाई को पाटने की क्षमता आने वाली तिमाहियों में उनके विकास पथ को प्रभावित करने की संभावना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.