Coforge ने अपनी ऑटोमोटिव डिवीजन का विस्तार करते हुए टीम को **300** सदस्यों तक पहुंचा दिया है। कंपनी अब इलेक्ट्रिक और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल मार्केट पर फोकस कर रही है।
नया वर्टिकल और रणनीति
IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Coforge अब एक नए वर्टिकल 'TMAE' (Telecom, Media, Automotive, and Energy Solutions) के जरिए ऑटोमोटिव क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। ग्लोबल ऑटो कंपनियां अब इलेक्ट्रिक और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल की तरफ शिफ्ट हो रही हैं, जहां क्लाउड कंप्यूटिंग और AI की भूमिका अहम है। इसी मौके को भुनाने के लिए कंपनी ने अपनी इंजीनियरिंग टीम को 300 कुशल लोगों तक विस्तारित किया है।
यह टीम अब ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स और टियर-1 सप्लायर्स के लिए व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रिक व्हीकल फ्लीट मैनेजमेंट जैसे जटिल प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी।
फाइनेंशियल गाइडेंस पर जोर
कंपनी ने ऑर्गनाइजेशनल बदलावों के बावजूद FY27 के लिए अपनी फाइनेंशियल गाइडेंस को दोहराया है। Coforge ने 20.5% से 21% का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का दावा है कि वह अपने मुनाफे का 100% से ज्यादा हिस्सा फ्री कैश फ्लो में तब्दील करने की क्षमता रखती है, जो निवेशकों के लिए भरोसा जगाने वाला संकेत है।
गवर्नेंस और चुनौतियां
Coforge के लिए फिलहाल सब कुछ आसान नहीं है। सितंबर 2026 में चेयरमैन ओ.पी. भट्ट और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डी.के. सिंह के इस्तीफे ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा की थी। बोर्ड इवैल्यूएशन को लेकर हुए इंटरनल ऑडिट के बाद ये इस्तीफे हुए थे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसका असर फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर नहीं पड़ेगा, लेकिन बोर्ड में चल रहे इस बदलाव के कारण शेयर प्राइस में थोड़ी उतार-चढ़ाव (volatility) देखी गई है। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपनी नई स्ट्रैटेजी और लीडरशिप ट्रांजिशन को किस तरह मैनेज करती है।
